राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना नगर पंचायत क्षेत्रों में भी हुआ प्रभावशील

पात्र हितग्राही परिवार के मुखिया को प्रतिवर्ष किस्तों में मिलेगा सात हजार रुपए सहायता राशि

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अम्बिकापुर । राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का विस्तार करते हुए अब नए वित्तीय वर्ष 2023-24 से नगर पंचायत क्षेत्रों में भी प्रभावशील कर दिया गया है। नगर पंचायतां में 15 अप्रैल तक आवेदन प्राप्त किये जाएंगे।

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राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना छत्तीसगढ़ राज्य की महत्वाकांयोजना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बजट भाषण के अनुरूप योजना का विस्तार ग्राम पंचायत क्षेत्रों के साथ-साथ नगर पंचायत व नगर पालिका (अनुसूचित क्षेत्रों के) में किया गया है। ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में नवीन आवेदन प्राप्त कर डाटा एंट्री कार्य के लिए समय- सारणी निर्धारित किया गया है। समय-सारणी के अनुसार नवीन आवेदन प्राप्त करने की तिथि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2023 तक, पोर्टल में डाटा प्रविष्ट करने की तिथि 22 अप्रैल 2023 तक, तहसीलदार की ओर से पंजीकृत आवेदनों का निराकरण की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2023 तक, आवेदनों के स्वीकृति-अस्वीकृति पश्चात ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका क्षेत्रों पर प्रकाशन कर प्राप्त दावा आपत्ति का ग्राम सभा-सामान्य सभा में निराकरण की अंतिम तिथि 8 मई, सामान्य सभा के निर्णय अनुसार पोर्टल में अद्यतीकरण 14 मई 2023 तक और अंतिम सत्यापित सूची के प्रकाशन की तिथि 15 मई 2023 निर्धारित है।इस योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायत व नगर पंचायत में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की पहचान करना तथा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को वार्षिक आधार पर आर्थिक अनुदान उपलब्ध करवाना है। आर्थिक अनुदान के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि करना है। योजना का क्रियान्वयन जिला स्तर पर कलेक्टर की देखरेख में किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया जाना है। योजना के तहत प्रतिवर्ष पात्र चिन्हित हितग्राही परिवार के मुखिया को किस्तों में 7000 रुपए अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।