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सूरजपुर : श्रीराम की मेहनत से लहलहायी रागी की फसल

सूरजपुर : श्रीराम की मेहनत से लहलहायी रागी की फसल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ प्रदेश के हर जिले में कृषि विभाग के माध्यम से मिलेट मिशन योजना की शुरुवात की गई है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को मोटे अनाज के उत्पादन के लिए जागरूक कर, उनको उसका अच्छा मूल्य दिलवाना है। मोटे अनाज जैसे कोदो, कुटकी, रागी, सॉंवा जो विलुप्ति के कगार पर थी, अब इस योजना के क्रियांवनित होने से रकबा में अच्छी खासी वृद्धि हो रही है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के श्यामनगर ग्राम पंचायत के कृषक श्रीराम ने इस वर्ष कृषि विभाग से रागी बीज प्राप्त कर 5 एकड़ में रागी की खेती रोपा विधि से की है। यह वही खेत है, जहा पहले वो गर्मी में धान की फसल लिया करता था। पर अब कृषि विस्तार अधिकारी अभिषेक सिंह की सलाह से रागी की फसल लगाई है। श्रीराम की मेहनत से रागी की फसल खेतों में लहलहा रही है। श्रीराम ने बताया की हमारे गांव में कुल 12 एकड़ में 6 किसानों ने रागी की खेती की है। जो पूर्ण रूप से सफल है। अभी वर्तमान में फुल व फलन आ गया है, आगामी खरीफ ऋतु में ली जाने वाली फसल से पहले खेत खाली हो जायेगा, और उत्पादन को मिलेट कैफे में विक्रय कर अच्छा मूल्य भी प्राप्त हो जायेगा। इसके लिए सभी कृषको ने जिला प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
जानकरी अनुसार बाकी अनाज के मुकाबले रागी में 5 से 30 गुना ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार 100 ग्राम रागी में 344 एमजी कैल्शियम पाया जाता है जो पूरे दिन की कैल्शियम की जरूरत को पूरा करने के लिए अच्छा है। इससे कहा जा सकता है कि रागी में कैल्शियम से भरपूर होते हैं। रागी में कैल्शियम पाये जाने के कारण हड्डियां, दांत मजबूत रहते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों से जुड़ी बीमारी) से बचाव मिलता है। कैल्शियम से भरपूर होने के कारण बढ़ते बच्चे और गर्भवति महिलाओं के लिए रागी के फायदे और बढ़ जाते हैं। कैल्शियम के अलावा रागी में विटामिन डी से भी भरपूर हैं। विटामिन डी होने से कैल्शियम अब्जॉर्ब करना आसान हो जाता है। अगर आप सूरज की किरणों से विटामिन डी नहीं ले पा रहे हैं तो रागी डाइट में शामिल करने का सोच सकते हैं। 283 एमजी फास्फोरस भी रागी में होता है। अन्य अनाज के मुकाबले रागी में पॉलीफेनोल्स और डाइटरी फाइबर पाया जाता है। रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के आसार कम हो जाते हैं। आयरन से भरपूर होने के कारण भी जाना जाता हैं। आयरन का सेवन करने से हीमोग्लोबिन में सुधार होता है जिससे एनीमिया होने के आसार कम हो जाते हैं। जिन लोगों को एनीमिया है, उन लोगों को अपनी डाइट में आयरन से भरपूर डाइट फॉलो करनी चाहिए। आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आप रागी कुकीज या रागी का हलवा भी खा सकते हैं। और यह ऑप्शन आयरन की दवाई खाने से तो बहुत अच्छा है।

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