विकास एवं आर्थिक नीति
मध्यप्रदेश राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अनुमोदन: 2030-31 तक ₹30,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य, सिंगरौली बनेगा मॉडल जिला
मंत्रालय में खनिज साधन विभाग की समीक्षा बैठक: चालू वित्त वर्ष में अगस्त तक हासिल हुआ 106% राजस्व लक्ष्य
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, पारदर्शी और पर्यावरण-सम्मत दोहन को बढ़ावा देने के लिए ‘राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026’ का अनुमोदन कर दिया है। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित खनिज साधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खनिज नीतियों का मुख्य उद्देश्य राजस्व वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय विकास, रोजगार सृजन और निवेश को गति देना होना चाहिए।
बैठक एवं नीति के प्रमुख बिंदु
- नीति का अनुमोदन: प्रस्तावित ‘राज्य खनिज अन्वेषण नीति 2026’ को मुख्यमंत्री द्वारा हरी झंडी; प्रभावी कार्यान्वयन के आदेश।
- सिंगरौली बनेगा मॉडल जिला: जिला खनिज निधि (DMF) का उपयोग कर सिंगरौली को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सड़क व वाटरशेड में मॉडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
- रिकॉर्ड राजस्व उपलब्धि: वित्त वर्ष 2026-27 में अगस्त 2026 के अंत तक ही वार्षिक लक्ष्य का 106% खनिज राजस्व प्राप्त।
- भविष्य का राजस्व रोडमैप: वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक ₹13,720 करोड़ और 2030-31 तक ₹30,000 करोड़ राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य।
खनिज राजस्व और DMF निधि के आंकड़े
प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने पॉलिसी प्रेजेंटेशन के दौरान बताया कि प्रदेश के 10 जिले राज्य के खनिज राजस्व में सर्वाधिक योगदान देते हैं। चालू वित्त वर्ष में जुलाई 2026 के अंत तक इन जिलों में ₹3,147.10 करोड़ की DMF राशि उपलब्ध है, जिसमें सिंगरौली का योगदान सर्वाधिक है।
| क्र. | विषय / मद | प्राप्ति / लक्ष्य आंकड़ा |
|---|---|---|
| 1 | अस्तित्व में उपलब्ध कुल DMF निधि (सभी 55 जिले) | ₹3,574.53 करोड़ (जुलाई 2026 तक) |
| 2 | शीर्ष 10 खनिज उत्पादक जिलों की DMF राशि | ₹3,147.10 करोड़ |
| 3 | चालू वित्त वर्ष में राजस्व उपलब्धि (अगस्त 2026 तक) | वार्षिक लक्ष्य का 106% |
| 4 | राजस्व लक्ष्य – वित्त वर्ष 2026-27 | ₹13,720 करोड़ |
| 5 | राजस्व लक्ष्य – वित्त वर्ष 2030-31 | ₹30,000 करोड़ |
“खनिज संपदा का लाभ जनता के कल्याण में लगे” — डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा— “मध्यप्रदेश खनिज संपदा की दृष्टि से समृद्ध राज्य है। प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ इस तरह किया जाए कि प्रदेश के राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों। खनिज संसाधनों से प्राप्त लाभ का अधिकांश हिस्सा जनहित के विकास कार्यों में लगाया जाना चाहिए।”
शीर्ष 10 खनिज राजस्व देने वाले जिले
प्रदेश में खनिज राजस्व का मुख्य योगदान सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, बालाघाट, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, उमरिया और बैतूल जिलों से प्राप्त होता है। सरकार इन क्षेत्रों में स्थानीय सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों के लिए DMF फंड का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित कर रही है।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी तथा खनिज साधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।












