शिक्षा एवं स्वास्थ्य
मध्यप्रदेश में नर्सिंग छात्रों के रिजल्ट पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का बड़ा निर्देश: समय-सीमा में जारी हों परिणाम, अनसूटेबल कॉलेजों के विद्यार्थी सूटेबल संस्थानों से होंगे संबद्ध
मंत्रालय में समीक्षा बैठक: हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में सर्वोच्च प्राथमिकता से कार्रवाई करने के दिए निर्देश
भोपाल: मध्यप्रदेश में नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम और उनके शैक्षणिक भविष्य को लेकर राज्य सरकार ने सख्त और संवेदनशील रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में पात्र नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम समय-सीमा के भीतर जारी किए जाएं और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।
समीक्षा बैठक के प्रमुख निर्णय एवं निर्देश
- समय-सीमा में रिजल्ट जारी करने के आदेश: पात्र छात्रों को जल्द परीक्षा परिणाम देने के लिए निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश।
- अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों को राहत: अयोग्य (अनसूटेबल) घोषित कॉलेजों के विद्यार्थियों को योग्य (सूटेबल) कॉलेजों से संबद्ध/संलग्न किया जाएगा।
- अनावश्यक विलंब पर रोक: यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर प्रक्रिया सुचारू करने के आदेश।
- पारदर्शिता एवं नियम पालन: न्यायालयीन आदेशों, विभागीय नियमों और छात्र हित का ध्यान रखते हुए प्रकरणों का निराकरण।
छात्र हित सर्वोच्च प्राथमिकता: उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समाविष्ट संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सूचित किया जाए ताकि संबंधित छात्रों के रुके हुए परिणाम जल्द से जल्द घोषित हो सकें।
| विषय / मुद्दा | राज्य सरकार का निर्देश एवं भावी कदम |
|---|---|
| परीक्षा परिणाम | हाईकोर्ट के आदेशानुरूप पात्र छात्रों के परिणाम तय सीमा में जारी होंगे। |
| अनसूटेबल कॉलेज के छात्र | विद्यार्थियों का साल खराब न हो, इसलिए उन्हें सूटेबल कॉलेजों से टैग/संबद्ध किया जाएगा। |
| संस्थानों का समन्वय | मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी और MPNRC के बीच सुचारू तालमेल के निर्देश। |
“विद्यार्थियों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा” — राजेन्द्र शुक्ल
उप मुख्यमंत्री ने कहा— “अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें नियमानुसार उपलब्ध विकल्पों के आधार पर सूटेबल कॉलेजों से संबद्ध किया जाए। अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी निर्दोष छात्र का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।”
बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त धनराजू एस, एमपीएनआरसी (MPNRC) के रजिस्ट्रार डॉ. उपेन्द्र धोटे सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे। वहीं मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी (MPMSU) के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए।












