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टीकमगढ़ बलराम कृषि महोत्सव: केन-बेतवा परियोजना से बदलेगा बुंदेलखंड, बोले डॉ. मोहन यादव | Pradesh Khabar






टीकमगढ़ में बलराम कृषि महोत्सव: केन-बेतवा परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर, बोले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव | Pradesh Khabar


कृषि एवं विकास

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टीकमगढ़ में बलराम कृषि महोत्सव: केन-बेतवा लिंक परियोजना से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर, बोले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की प्रगतिशील कृषकों से चर्चा; प्राकृतिक खेती और नवाचारों की जमकर सराहना

भोपाल/टीकमगढ़: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि संभव है। मध्यप्रदेश सरकार कृषकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनकी आय और समृद्धि बढ़ाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। गुरुवार को टीकमगढ़ में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वीकृत केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना से आने वाले समय में पूरे बुंदेलखंड अंचल की सिंचाई और आर्थिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन आएगा।

कार्यक्रम एवं संबोधन के मुख्य बिंदु

  • बुंदेलखंड की नई पहचान: पीतल शिल्पकला के साथ-साथ टीकमगढ़ का कृषि क्षेत्र अब अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।
  • केन-बेतवा परियोजना: पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से फसलों के उत्पादन और किसानों के लाभ में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी।
  • कृषकों से सीधा संवाद: सब्जी उत्पादन, बीज उत्पादन, प्राकृतिक खेती और बागवानी करने वाले किसानों के अनुभवों को सुना।
  • मधुमक्खी पालन की सराहना: मधुमक्खी पालन से आर्थिक रूप से सक्षम हो रही महिलाओं के प्रयासों को सराहा।

टीकमगढ़ के प्रगतिशील किसानों के नवाचार

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ जिले के उन्नत और नवाचारी किसानों से सीधी बातचीत की तथा उनके प्रयासों एवं परिश्रम की सराहना की।

प्रगतिशील किसान कृषि क्षेत्र / नवाचार उपलब्धि एवं प्रभाव
विष्णु शर्मा (अनंतपुरा) सब्जी उत्पादन, पॉली हाउस व गौशाला तकनीकी खेती के साथ-साथ गौ-संरक्षण।
बालचंद अहिरवार, मनोहर व शशि लोधी प्राकृतिक खेती लगभग 250 से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े।
जगदीश अहिरवार 15 एकड़ में स्ट्रॉबेरी, तरबूज, नींबू, अमरूद व फूल 24 लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं और 15 गायों से दुग्ध उत्पादन।
रमेश यादव बीज उत्पादन (2005 से सक्रिय) लगभग 3 लाख क्विंटल उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उत्पादन क्षमता।
सुनीता बुंदेला मधुमक्खी पालन (मौनी पालन) 5 केंद्रों का सफल संचालन कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की।

“अपनी बहन को महारानी बनते देख रहा हूं” — डॉ. मोहन यादव

श्रीमती सुनीता बुंदेला द्वारा मधुमक्खी पालन में रानी मक्खी की भूमिका का जिक्र करने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा— “मैंने तो रानी मक्खी नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन सुनीता को मधुमक्खी पालन के जरिए आर्थिक रूप से सक्षम होकर महारानी बनते हुए देखने का अवसर जरूर मिल रहा है।”

जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार

संवाद के दौरान पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक, अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र यादव और कप्तान सिंह ने किसान हितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण में सरोज राजपूत ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना की स्वीकृति और बुंदेलखंड में इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से पूरे क्षेत्र में खुशहाली और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।


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