‘आकार-2023’: युवा, बच्चे और बुजुर्ग ले रहे हैं पारंपरिक शिल्प कलाओं का प्रशिक्षण

रायपुर : ‘आकार-2023’: युवा, बच्चे और बुजुर्ग ले रहे हैं पारंपरिक शिल्प कलाओं का प्रशिक्षण

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उत्साह के साथ युवा, बच्चे और बुजुर्ग ले रहे हैं

संस्कृति विभाग द्वारा महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में दिया जा रहा है प्रशिक्षण

संस्कृति विभाग द्वारा महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में दिया जा रहा है प्रशिक्षणसंस्कृति विभाग द्वारा पारंपरिक कलाओं पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर आकार-2023 में युवा, बच्चे और बुजुर्ग उत्साह के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं

संस्कृति विभाग द्वारा पारंपरिक कलाओं पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर आकार-2023 में युवा, बच्चे और बुजुर्ग उत्साह के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं। गौरतलब है कि संस्कृति विभाग द्वारा पारंपरिक शिल्प और कलाओं के संरक्षण, प्रचार-प्रसार, जागरूकता तथा लोगों में इनके प्रति रूचि जागृत करने के लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर आकार-2023’ का आयोजन रायपुर के सिविल लाइन स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में 01 मई से शुरू हुआ है। प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 मई तक चलेगा।

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संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ‘आकार-2023’ में पंजीकृत प्रतिभागियों को म्यूरल आर्ट, पेपरमेसी, क्ले आर्ट, काष्ठ, बांस शिल्प एवं मूर्तिकला, चित्रकला, मधुबनी आर्ट, पटचित्र, धान ज्वेलरी, ड्राई फ्लावर, ग्लास पेंटिंग, गोदना आर्ट, पैरा आर्ट, टेराकोटा, रजवार भित्ती, क्लासिकल नृत्य, नाटक, फोक डांस, जूट शिल्प, मेहंदी आर्ट, गोबर आर्ट, वारली आर्ट, पिछवाई आर्ट, सेंड आर्ट, मंडला आर्ट, मांदना आर्ट, गोंड आर्ट, सौरा आर्ट, स्केच पेंटिंग, केनवाश पेंटिंग, बोनसाई आर्ट, वाद्य-यंत्र प्रशिक्षण एवं मेंकिंग विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के बाद समापन के दिन प्रशिक्षुओं द्वारा निर्मित कलाकृतियों एवं समानों को परिसर में प्रदर्शित करने के साथ प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।