फ्लोरेंस नाइटिंगेल बहन की तरह अपनी बनाएं सेवाभावी की पहचान डॉ- विवेकानंद सिंह

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नर्स डे पर केंद्रीय चिकित्सालय की परिचारिका को किया गया सम्मानित

गोपाल सिंह विद्रोही/बिश्रामपुर – नर्सों का समाज में योगदान ,स्वास्थ्य क्षेत्र में लगन एवं सेवा कार्य को देखते हुए उन्हें सम्मान देने के लिए नर्स डे मनाया जाता है ।आप सभी भी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की तरह सेवा कार्य में दक्षता दिखाते हुए पहचान बनाएं।

उक्त उद्गार एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की केंद्रीय चिकित्सालय में आयोजित नर्स डे के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विवेकानंद सिंह ने नर्सों को संबोधित करते हुए कही। डॉक्टर सिंह ने आगे कहा कि समाज में नर्सों की योगदान को पहचान दिलाने के लिए सिस्टर फ्लोरेंस नाइटिंगेल जो एक ब्रिटिश परिचारिका थी जिन्होंने अपनी सेवा भाव से क्रीमिया युद्ध के दौरान घायल सैनिकों को स्वास्थ्य सुधार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जिन के सम्मान में इंटरनेशनल काउंसलिंग ऑफ नर्स डे 1974 में अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में स्थापना की। जिसके 130 देशों का नर्स संघ है जो 20 मिलीयन नसों का प्रतिनिधित्व करता है ।मेरा कहने का मुख्य उद्देश्य है कि एक ब्रिटिश परिचारिका ब्रिटेन से निकलकर पूरे विश्व में अपनी सेवा भावना के बदौलत अपनी पहचान बना ली, उसी तरह आप सब भी अपनी सेवा भाव से अपनी पहचान बनाएं।
आज के नर्स दिवस पर चिकित्सालय प्रबंधन ने एलसी ,राचिल, बिना,मार्ग्रेट, लिली ,जसिंता,क्लारा,रोशालिबा,सुधा, रेनू को सम्मानित किया।

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भाग्यशाली परिचारिका जेसिंता कुजूर, निष्ठावान परिचारिका रेचर वर्गिस एवम जीवन पर्यंत सेवा के लिए एल सी अलेक्जेंडर को लॉटरी तरीके से चुना गया जिन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विवेकानंद सिंह एवं चिकित्सा अधिकारी बी प्रधान ने विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस आयोजन में प्रमुख रूप से डॉक्टर निरंजन कुमार, डॉक्टर दीपक कुमार, डॉक्टर सत्यपाल जोहले, डॉक्टर श्रृता लाल, डॉक्टर भवदीप सिंह सोढ़ी ,डॉ अशोक ,डॉ हर्षवर्धन सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे ।कार्यक्रम को सफल बनाने में सेनापति प्रधान,बी आर मुरलीधर, राजेंद्र प्रधान शरद यादव अमितेश सिंह आदि का महत्वपूर्ण योगदान था।