उत्तर बस्तर कांकेर : लालचंद को मिलेगा नया जीवन, अपनी आंखों से देख सकेगा दुनिया

उत्तर बस्तर कांकेर : लालचंद को मिलेगा नया जीवन, अपनी आंखों से देख सकेगा दुनिया

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

पढ़ाई करने का सपना होगा पूरा

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

लालचंद को मिलेगा नया जीवन, अपनी आंखों से देख सकेगा दुनियाग्राम पंडरीपानी विकासखण्ड भानुप्रतापपुर निवासी चंद्रकांत कड़ियाम के पुत्र लालचंद कड़ियाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा ग्राम केंवटी में आयोजित जनचौपाल बेहद सार्थक सिद्ध हुआ है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला द्वारा लालचंद कड़ियाम का निःशुल्क ईलाज मेकाहारा रायपुर में करवाया जा रहा है। लालचंद बचपन से ही अंधत्व की बीमारी से पीड़ित था, इसके कारण वह शिक्षा से भी वंचित रह गया था, दिखाई नहीं देने के कारण पढ़ने-लिखने में असमर्थ होने से उसे स्कूल नहीं भेजा जा रहा था। गत दिवस ग्राम केंवटी में आयोजित जनचौपाल में चंद्रकांत कड़ियाम ने कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए अपने 11 वर्षीय पुत्र लालचंद कड़ियाम के अंधत्व का ईलाज के लिए मदद करने की गुहार लगाई।
कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला से संवेदनशीलता के साथ लालचंद को दुलारते हुए कहा कि आपका ईलाज भी होगा और आप स्कूल भी जा सकेंगे। उनके पिता चंद्रकांत को भी भरोसा दिलाते हुए उन्हें अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए समझाईश दी तथा मौके पर उपस्थित खण्ड चिकित्सा अधिकारी को लालचंद का स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा उसके ईलाज के लिए रायपुर भेजने का प्रबंध करने के निर्देश दिये। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे का ईलाज होने के बाद उनकी शिक्षा का भी प्रबंध किया जावे। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेकाहारा रायपुर में ईलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उनके आंखों का ईलाज होगा। ऑपरेशन के पश्चात लालचंद कड़ियाम अपनी आंखों से दुनिया देख सकेगा और शिक्षा भी प्राप्त करेगा। स्वस्थ्य होने के बाद लालचंद कड़ियाम का स्कूल जाने का सपना पूरा होगा। खण्ड शिक्षा अधिकारी भानुप्रतापपुर द्वारा उनके स्वस्थ्य होते ही शिक्षा का भी प्रबंध किया जा रहा है।