Advertisement

भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय का भूपेश बघेल पर बड़ा हमला: ‘असम घटनाक्रम कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा’






असम घटना पर भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय का कांग्रेस और भूपेश बघेल पर तीखा हमला


असम घटनाक्रम कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का परिणाम: भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय का पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर तीखा प्रहार

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला है। सांसद पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि असम में हुआ घटनाक्रम किसी बाहरी दल का कारनामा नहीं, बल्कि कांग्रेस की गहरी अंदरूनी कलह का नतीजा है।

राजधानी रायपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकारों से औपचारिक चर्चा करते हुए मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी सांगठनिक विफलताओं, आपसी गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान को छिपाने के लिए हमेशा दूसरों के सिर ठीकरा फोड़ने का प्रयास करती है।

असम घटनाक्रम और कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान

असम में हुए हालिया विवादित घटनाक्रम पर बिंदुवार अपनी बात रखते हुए सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि जो तस्वीरें और वीडियो फुटेज सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं, वे सच्चाई बयां करने के लिए पर्याप्त हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वहाँ कांग्रेस पार्टी (पंजा छाप) के आधिकारिक झण्डे लगे हुए थे और पार्टी कार्यकर्ता ही आपस में उलझते, धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे थे।

सांसद पाण्डेय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की यह पुरानी परंपरा रही है कि जहाँ भी चुनाव होते हैं, वहाँ उनके नेता आपस में ही वर्चस्व की लड़ाई लड़ने लगते हैं। उन्होंने अतीत के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए याद दिलाया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वहाँ पहुँचे थे, तब पटना एयरपोर्ट पर इसी प्रकार की हाथापाई, झूमाझटकी और सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था।

“पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जहाँ भी चुनावी जिम्मेदारी लेकर जाते हैं, वहाँ पार्टी का बण्टाधार होना तय माना जाता है। पंजाब के बाद अब असम में भी कांग्रेस हार की कगार पर खड़ी है। इसी चुनावी विफलता और हार के डर को छिपाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व अनर्गल और तथ्यहीन बयानबाजी कर रहा है।”

— संतोष पाण्डेय, मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद, भाजपा

सांसद पाण्डेय ने आगे कहा कि असम की वर्तमान सरकार के तहत कानून-व्यवस्था अत्यंत सुदृढ़ है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में गुड गवर्नेंस और विकास की राजनीति चल रही है। ऐसे में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास नहीं है।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

बस्तर की तत्कालीन स्थिति पर पूर्ववर्ती सरकार को घेरा

पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद संतोष पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के संवेदनशील अंचल बस्तर की पूर्ववर्ती स्थिति का ब्योरा देते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में दक्षिण छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग के जमीनी हालात अत्यंत चिंताजनक बने हुए थे।

उन्होंने बीजापुर, सुकमा, दन्तेवाड़ा और नारायणपुर जैसे जिलों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान इन क्षेत्रों में सूर्यास्त के बाद आम नागरिकों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो जाया करता था। सुरक्षा का माहौल इतना बदतर था कि भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और प्रचारकों को अंदरूनी व सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने तक से रोका जाता था और उनकी जान-माल का जोखिम हमेशा बना रहता था।

बस्तर में आए सकारात्मक बदलाव का दावा

भाजपा सांसद ने वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि आज शासन और प्रशासन के दृढ़ संकल्प के कारण स्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर के अंतिम गाँव तक, मानपुर-मोहला से लेकर लछना-कटेमम जैसे सुदूरवर्ती अंचलों तक आम जनता, व्यापारी और राजनीतिक कार्यकर्ता बिना किसी भय या संकोच के दिन-रात आवागमन कर सकते हैं। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है।

कश्मीर और पत्थरबाजी के मुद्दे पर कांग्रेस के दोहरे मापदंड

सांसद संतोष पाण्डेय ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी के दोहरे रवैये को उजागर करते हुए वर्ष 2017 के एक चर्चित मामले का संदर्भ दिया। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी करने वाले असामाजिक तत्वों का सार्वजनिक रूप से बचाव किया था।

उन्होंने कहा कि तत्कालीन समय में कांग्रेस नेता ने कहा था कि पत्थरबाजों को गुमराह या अपराधी न कहा जाए, क्योंकि वे अपनी भावनाओं से जुड़े हुए हैं। सांसद पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास हमेशा से राष्ट्रविरोधी और उपद्रवी तत्वों के प्रति सहानुभूति दिखाने का रहा है। जब-जब देश में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली स्थिति उत्पन्न होती है, कांग्रेस ऐसे तत्वों के पक्ष में खड़ी नजर आती है।

सरगुजा से लेकर प्रदेश संगठन तक घमासान

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा भारतीय जनता पार्टी पर लगाए जा रहे आरोपों का कड़ा पलटवार करते हुए सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने संगठन के भीतर झांकना चाहिए। कांग्रेस संगठन में ऊपर से लेकर निचले स्तर तक भयंकर घमासान और सिरफुटौव्वल की स्थिति बनी हुई है।

सरगुजा संभाग के राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए सांसद पाण्डेय ने कहा कि सरगुजा अंचल में पूर्व टी.एस. सिंहदेव और पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह के मध्य चला लंबा सार्वजनिक विवाद किसी से छिपा नहीं है। पूरा प्रदेश गवाह है कि किस तरह कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग सरेआम सड़क पर आती रही है।

प्रशिक्षण शिविर पर तीखा तंज

कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे सांगठनिक प्रशिक्षण शिविरों पर चुटकी लेते हुए सांसद संतोष पाण्डेय ने तंज कसा कि कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं को पाठ पढ़ाने से पहले अपने वरिष्ठ नेताओं की क्लास लेनी चाहिए।

  • नेतृत्व को पहली सीख: कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में सबसे पहला अध्याय अपने ही बड़े नेताओं को ‘गुटबाजी न करने’ का पढ़ाया जाना चाहिए।
  • संगठन में बिखराव: प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कांग्रेस के नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में व्यस्त हैं।
  • जनता से जुड़ाव का अभाव: गुटबाजी में उलझी कांग्रेस जनता के मुद्दों और विकास की राजनीति से पूरी तरह कट चुकी है।

सांगठनिक व राजनीतिक परिदृश्य

पत्रकार वार्ता के अंत में सांसद संतोष पाण्डेय ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता-आधारित अनुशासित संगठन है, जो विकास और सुशासन के मूलमंत्र पर कार्य करता है। इसके विपरीत कांग्रेस एक ऐसा दल बन चुकी है जहाँ केवल व्यक्तिगत हित और गुटबाज़ी हावी है। असम से लेकर छत्तीसगढ़ और बिहार तक कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान जनता के सामने आ चुकी है, जिसे छिपाने के लिए वे अब अनर्गल बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं।


file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47