गोवा कांग्रेस ‘पुराने दिन’ का हवाला देकर भाजपा के ‘अच्छे दिनों’ का मुकाबला करेगी

गोवा कांग्रेस ‘पुराने दिन’ का हवाला देकर भाजपा के ‘अच्छे दिनों’ का मुकाबला करेगी

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

पणजी: गोवा कांग्रेस नेताओं का कहा है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव ने उम्मीद की किरण दी है और देश के लोगों में विश्वास जगाया है। गोवा में कांग्रेस के नेताओं को उम्मीद है कि बीजेपी का भी वही हश्र होगा जो 2004 में हुआ था। इस चुनाव के दौरान भाजपा के इंडिया शाइनिंग के थीम को मतदाताओं ने नकार दिया था और सबसे पुरानी पार्टी को सत्ता में लाए थे।
साल 2004 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को सत्ता से हटाकर अपना कब्जा करके चौंका दिया था। कांग्रेस नेताओं का कहा है कि अब यह एक समान राजनीतिक लहर की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि 2004 में भारत नहीं चमका और अब अच्छे दिन हकीकत में नहीं आए हैं।

गोवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एम के शेख ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव बड़े अंतर से जीत सकती है।

पिछले 50 वर्षों से कांग्रेस में शामिल रहे शेख ने कहा कि एनडीए का इंडिया शाइनिंग अभियान 2004 में विफल हो गया था। अब वे कर्नाटक के लोगों द्वारा उजागर किए गए हैं। अच्छे दिन के उनके वादे हकीकत में नहीं आए हैं। लोगों ने इसे महसूस किया है। इसलिए मुझे यकीन है कि आने वाले आम चुनाव में लोग सोच समझकर मतदान करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि कर्नाटक के मतदातओं ने बहुत ही सोच समझकर मतदान किया और कांग्रेस को जीत दिलाई। लोग बुद्धिमान हैं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना, मिजोरम के विधानसभा चुनावों में भी यही रुझान देखा जाएगा। अगर हमें वहां सफलता मिलती है तो यह निश्चित है कि लोग भाजपा को दरवाजा दिखा देंगे और हमें इसका पूरा भरोसा है।

कांग्रेस नेता शेख ने दावा किया कि कर्नाटक चुनाव का प्रभाव इन चुनावों के होने तक बना रहेगा। इसका प्रभाव पूरे देश में है। कर्नाटक की जनता ने भाजपा को सबक सिखाया है। अन्य राज्य भी भाजपा को उसकी जगह दिखाएंगे।

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने विकास के कई काम किए हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार नहीं किया। यूपीए सरकार दो कार्यकाल के लिए थी। हमने बहुत काम किया है, लेकिन हम मार्केटिंग नहीं कर पाए। जब हम सत्ता में थे तब हमें यह करना चाहिए था, अब हम अपनी विचारधारा को ही आगे बढ़ा सकते हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा ने लोगों में जागरूकता पैदा की है और उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना की है। जनता समझ चुकी है कि भाजपा देश को कहां ले जा रही है। राहुल गांधी इस यात्रा को अन्य राज्यों में भी जारी रखेंगे और उन राज्यों के लोगों से जुड़ेंगे जहां से यात्रा नहीं हुई है।

आगे कहा कि भाजपा ने राहुल गांधी की पप्पू के रूप में एक छवि बनाई थी, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच अंतर जानने के बाद बदल दिया गया है।

राहुल गांधी एक सुलझे हुए नेता और परिपक्व राजनेता के रूप में उभरे हैं। हम उन्हें भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं। युवा भी उनके साथ हैं। वह आज चमक रहे हैं। उनके पास देश को आगे ले जाने की समझ और ²ष्टि है। राहुल गांधी के भाषण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हजार गुना ज्यादा प्रभावशाली हैं।

गोवा की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत के बारे में बोलते हुए शेख ने कहा कि वे जीत को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पांच बार के सांसद श्रीपद नाइक भी इस बार उत्तरी गोवा से हार सकते हैं।

कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता गिरीश चोडनकर ने कहा कि पिछले 9 साल से लोगों को मोदी सरकार से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे पूरा करने में नाकाम रहे हैं।

उन्होंने कहा कि साल 2004 में भाजपा के पास इंडिया शाइनिंग की थीम थी, लेकिन कुछ भी शाइनिंग नहीं था। पिछले 9 साल से लोग भाजपा के अच्छे दिन के वादे की तलाश कर रहे हैं। लोगों को अब लग रहा है कि पुराने दिन इन अच्छे दिन से बेहतर थे, जो हकीकत में नहीं आए।

उन्होंने कहा कि नौ साल पहले एलपीजी ईंधन की कीमतें लोगों के लिए सस्ती थीं, लेकिन अब आसमान छू रही हैं। अब भी अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। इसलिए वे इसे अच्छे दिन नहीं कह सकते। यह इंडिया शाइनिंग जैसा ही वादा है।

कर्नाटक में 40 प्रतिशत कमीशन सरकार थी, जिसे लोगों ने हरा दिया है। हमने कर्नाटक के लोगों को अच्छा आश्वासन दिया है और हम उन्हें पूरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा एक बड़ी सफलता है, जो उन्हें लोकसभा चुनाव जीतने में मदद करेगी। राहुल गांधी इस यात्रा के दौरान लोगों से जुड़े और लोगों की मन की बात सुनी, जबकि पीएम मोदी ने लोगों को अपनी मन की बात सुनने के लिए मजबूर किया। वह जनता की आवाज नहीं सुनते।

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ईमानदार हैं। वह मार्केटिंग किए बिना सच्चाई की राजनीति करते हैं। भाजपा ने उनकी छवि खराब करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। लेकिन लोगों को उनके स्वभाव के बारे में पता चल गया है और लोग उन्हें प्यार करने लगे हैं।