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ED को नहीं किये सहयोग, कूट भाषा में लेनदेन, अनसिक्योर्ड लोन भी

रायपुर। शराब और उससे कमाई गई 2000 करोड़ के कथित सूत्रधार अनवर ढेबर, पप्पू ढिल्लन, नितेश पुरोहित और अरुणपति त्रिपाठी से ED ठीक से मुंह नहीं खुलवा पाई है। आरोपी भी ED रिमांड के दौरान खामोश रहे और पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किये। सूत्रों की मानें तो ED रिमांड को कैसे भी सभी ने काटने और जेल अभिरक्षा में जाने की योजना के तहत ही सहयोग नहीं किया। खैर, इसमें कितनी सच्चाई है यह तो आगे पता चलेगा जब सभी आरोपियों को एक साथ 2 जून को पुनः कोर्ट पेश किया जायेगा। हालांकि बिना आरोपियों के सहयोग के भी ED का दावा है कोर्ड वर्ड में करोड़ों की डीलिंग के सबूत हैं। वही करोड़ों रुपए के अनसिक्योर्ड लोन लेने के सबूत भी जुटाए हैं।

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ED की ओर से अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया, त्रिलोक सिंह ढिल्लन को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। ढिल्लन ने करोड़ों रुपए के लोन लिए यह सभी लोन अनसिक्योर्ड लोन थे। यानी किसी बैंक से यह पैसा उनके खातों में नहीं आया किसी दोस्त और परिचितों ने भेजे। एजेंसी इस बात की छानबीन कर रही है कि, ऐसे कौन से दोस्त थे जिन्होंने करोड़ों रुपए का लोन दे दिया। वह पैसा कहां से आया और कहां गया इसकी जांच की जा रही है।

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ED पूछती रही अफसर-कारोबारी मुंह नहीं खोले

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक शराब घोटाला मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी, त्रिलोक ढिल्लों और नितेश पुरोहित जांच में कोई खास सहयोग नहीं कर रहे हैं। इनके पास से मिले दस्तावेज और संपत्तियों की जानकारी के बारे में पूछने पर आरोपियों की ओर से जवाब नहीं दिए गए। यही वजह रही कि गिरफ्तारी के बाद करीब 10 दिनों से अधिक समय तक इन सभी को ईडी ने अपनी हिरासत में रखा। यही दलील अदालत में दी गई। कि, कई बार समन पेश करने के बाद भी आरोपी पेश नहीं हुए। पेश हुए तो पूछताछ में सहयोग नहीं किया। सभी को गिरफ्तार करने के पीछे ये बड़ा आधार भी था।

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