रीपा में लोगों को मिल रहा गांव में ही रोजगार और स्वरोजगार

रायपुर : रीपा में लोगों को मिल रहा गांव में ही रोजगार और स्वरोजगार

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

बालोद जिले में 11 रीपा प्रारंभ, गोबर से पेंट, कुलर और आलमारी, वर्मी कम्पोस्ट वासिंग पाउडर हो रहे तैयार

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क रोजगार और स्वरोजगार के केन्द्र के रूप में उभर रहें है। बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले के 11 गौठानों में रीपा की स्थापना की गई है। इन स्थानों पर गोबर से पेंट, कुलर और आलमारी, लेमन ग्रास प्रोसेसिंग, वर्मी कम्पोस्ट वासिंग पाउडर निर्माण आदि का निर्माण किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहें हैं।
बालोद जिले में संचालित 11 महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में 140 महिला एवं 75 पुरूष सहित कुल 215 आर्थिक गतिविधियों से जुडे़ हैं। जिनके द्वारा एक माह के अल्प अवधि में ही 78 लाख 06 हजार रुपये की सामग्रियां निर्मित कर 56 लाख 80 हजार रुपये की राशि की सामग्री की बिक्री गई है। जिससे उन्हें 10 लाख 62 हजार रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।
बालोद विकासखण्ड के ग्राम बरही में संचालित गोबर पेंट ईकाई से अब तक कुल 07 हजार 940 लीटर गोबर पेंट का उत्पादन किया गया है। इस गोबर पेंट का उत्पादित मूल्य 17 लाख 86 हजार रुपये है। इसमें से अब तक 03 हजार 469 लीटर गोबर पेंट की बिक्री की जा चुकी है, जिसका विक्रय मूल्य 07 लाख 80 हजार रुपये है। इस गोबर पेंट इकाई से अब तक कुल 02 लाख 42 हजार रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।
इसी तरह बालोद विकासखण्ड के करकाभाट ग्रामीण औद्योगिक पार्क में कूलर एवं अलमारी निर्माण यूनिट की स्थापना की गई है। जिसमें अब तक 72 नग अलमारी और कूलर 70 नग का निर्माण किया गया है। जिसका उत्पादित मूल्य 05 लाख 02 हजार रुपये है। जिसमें 62 अलमारी एवं 55 कूलर की बिक्री भी की जा चुकी है। जिसका विक्रय मूल्य 04 लाख 39 हजार रुपये हैै। इस तरह कूलर एवं अलमारी की बिक्री से 65 हजार रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।
इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के ग्रामीण औद्योगिक पार्क भोथली में गुड़ प्रोसेसिंग, एलोवीरा प्रोसेसिंग, लेमन ग्रास प्रोसेसिंग, सेवा गतिविधि बैकिंग यूनिट की स्थापना की गई है। जिसमें लेमन ग्रास प्रोसेसिंग यूनिट से 20़6 लीटर उत्पादन किया गया है। जिसमें सभी 206 लीटर उत्पाद की बिक्री भी की जा चूकी है। जिससे 89 हजार रुपये का लाभ भी अर्जित हुआ है। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम अवारी में संचालित चिक्की निर्माण यूनिट में 15 टन चिक्की का निर्माण किया गया है। जिनका उत्पादित मूल्य 37 लाख 50 हजार रुपये है। जिसमें से 14 टन चिक्की की बिक्री भी की जा चुकी है, जिसका विक्रय मूल्य 35 लाख रुपये है, जिससे 04 लाख रुपये की आमदनी प्राप्त हुई है।
डौण्डी लोहारा विकासखण्ड के ग्रामीण औद्योगिक पार्क नंगूटोला में मसाला निर्माण यूनिट, लेयर मूर्गी पालन, वांशिग पाउडर निर्माण यूनिट एवं बैकिंग सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही है। गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्रामीण औद्योगिक पार्क गब्दी में कोदो प्रोसेसिंग यूनिट, वर्मी कम्पोस्ट बोरी प्रिटिंग यूनिट, अगरबत्ती निर्माण यूनिट, सेवा गतिविधि बैकिंग निर्माण एवं नॉन कूकेन बैग निर्माण यूनिट तथा ग्रामीण औद्योगिक पार्क कांदुल में पापड़ निर्माण, मुरमुरा एवं अगरबत्ती निर्माण किया जा रहा है।
इसी तरह से गुरूर विकासखण्ड के छेड़िया औद्योगिक पार्क में मूनगा प्रोसेसिंग यूनिट, बनाना फाइबर एक्सट्रैशन यूनिट की स्थापना की गई है। डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के मार्री बंगला औद्योगिक पार्क में एपरेल, डोरमेंट एवं कपड़ा यूनिट की स्थापना की गई है। डौण्डी विकासखण्ड के अमूरकसा ग्रामीण औद्योगिक पार्क में बेकरी यूनिट तथा गुदुम ग्रामीण औद्योगिक पार्क में हाउस होर्ड क्लीनिंग मटेरियल यूनिट, बास गुड़ी एवं स्क्रबर निर्माण का कार्य किया जा रहा है।