उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व एंटी पोचिंग टीम ने महाराष्ट्र सीमा में वन्यप्राणी जिंदा पेंगोलियन की तस्करी तीन आरोपियों को धर दबोचा

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व एंटी पोचिंग टीम ने महाराष्ट्र सीमा में वन्यप्राणी जिंदा पेंगोलियन की तस्करी तीन आरोपियों को धर दबोचा

वन्यप्राणी जिंदा पेंगोलियन 11 किलो 500 ग्राम का है

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गरियाबंद – उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व वन विभाग एंटी पोचिंग की टीम मुखबीर की सूचना पर पखांजूर महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ बार्डर में जाकर दुर्लभ प्रजाती के वन्यप्राणी पेंगोलियन के तस्करी करते तीन अरोपियों को धर दबोचकर उनसे जिंदा पेंगोलियन तस्करी करते बरामद किया है उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि वन मंत्री मोहम्मद अकबर छ.ग. शासन के निर्देशानुसार सुधीर अग्रवाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर छत्तीसगढ़ के कुशल मार्गदर्शन में एवं वरुण जैन उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद और ससिंगानंधन के वनमंडल अधिकारी पश्चिम भानुप्रतापपुर द्वारा गठित संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर 28 जून को दलसु पिता देवसाई , अशोक पिता घसरु पोटाई, नरेश पिता बालाजी मेश्राम जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) के द्वारा एक जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) को अपने मोटर सायकल होण्डा साईन एम एच 33 जेड 1757 से पखांजुर (महाराष्ट्र- छत्तीसगढ़ बॉर्डर ) का माटोली चैक पर तस्करी करने के फिराक में थे। एन्टीपोचिंग टीम उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद एवं कापसी वन परिक्षेत्र का उप वनमंडलाधिकारी सुरेश कुमार पिपरे, के साथ संयुक्त रुप से पखांजुर कापसी मार्ग पर माटोली चैक से आगे तीनो आरोपियों को जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) एवं मोटर सायकल होण्डा साईन एम एच 33 जेड 1757 के साथ पकड़े । कापसी के स्टॉफ के द्वारा मौके पर ही जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) को जप्त किया गया और तीनो आरोपियों को विस्तृत पूछताछ के लिए उप वनमंडलाधिकारी कार्यालय पखांजुर ले जाया गया। जहां पर जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) का वजन किया गया, जिसका वजन कुल 11 किलो 500 ग्राम हैं। पशु चिकित्सक के द्वारा जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) का स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत सुरक्षित जंगल में छोड़ा जावेगा । आरोपी दलसु पिता देवसाई अशोक पिता घसरु पोटाई, नरेश पिता बालाजी मेश्राम जिला गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) निवासी के विरुध्द पी.ओ. आर क्रमांक 13407/09 दिनांक 28.06.2023 पंजीबध्द कर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत कापसी न्यायालय मे पेश किया जावेगा ।
इस कार्यवाही में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के एन्टी पोचिंग की टीम के नोडल अधिकारी गोपाल कश्यप सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) एवं चन्द्रबली धु्रव परिक्षेत्र अधिकारी इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर, चुरामन घृतलहरे, मार्कंडेय, ओम प्रकाश राव, रोहित निषाद, टकेश्वर देवांगन, विरेन्द्र ध्रुव, ऋषि ध्रुव, फलेश्वर दीवान, लोखू, और उप वनमंडलाधिकारी कापसी पखांजुर सुरेश कुमार पिपरे एवं स्टॉफ का विशेष योगदान रहा।