राजनीति एवं शासन
अंतागढ़ के 122 जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भाजपा में शामिल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गमछा पहनाकर कराया प्रवेश
कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित सादे समारोह में पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और ग्राम पटेलों ने ली सदस्यता
रायपुर: छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के 122 जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश भाजपा मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी नवप्रवेशियों को भाजपा का गमछा पहनाकर विधिवत प्रवेश कराया।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु
- बड़ी राजनीतिक हलचल: अंतागढ़ क्षेत्र से पंच, सरपंच, जनपद सदस्य एवं ग्राम पटेलों सहित 122 जनप्रतिनिधि भाजपा में शामिल।
- डबल इंजन सरकार पर विश्वास: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों पर जनता की अटूट आस्था का प्रमाण है।
- संगठन को मजबूती: जमीनी स्तर के जनसेवकों के आने से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।
- पोला पर्व की शुभकामनाएं: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को लोक-पर्व पोला की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
सदस्यता कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कुल नवप्रवेशी | 122 जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण (पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, ग्राम पटेल) |
| प्रमुख अतिथि | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय |
| आयोजन स्थल | कुशाभाऊ ठाकरे परिसर (भाजपा प्रदेश कार्यालय, रायपुर) |
| उपस्थित वरिष्ठ नेता | विक्रम उसेंडी (विधायक), अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, राम गर्ग, अशोक बजाज, महेश जैन, हेमंत पाणिग्रही आदि। |
“अंत्योदय के संकल्प के साथ हर गाँव तक पहुंचेगा विकास” — विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा— “सभी नवप्रवेशी जमीन से जुड़े हुए जनसेवक हैं। उनके भाजपा में आने से संगठन को जमीनी स्तर पर नई शक्ति मिलेगी। हम सब मिलकर अंत्योदय के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ के हर गाँव और हर नागरिक तक विकास की किरण पहुँचाने के लिए निरन्तर कार्य करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने दी पोला पर्व की बधाई
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा के प्रतीक लोक-पर्व ‘पोला’ की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पोला हमारे किसान भाइयों के परिश्रम, कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। उन्होंने भगवान शिव और नंदी बैल से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।

















