कारगिल विजय दिवस पर सिलफिली महाविद्यालय में हुआ कार्यक्रम

कारगिल विजय दिवस पर सिलफिली महाविद्यालय में हुआ कार्यक्रम

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-राष्ट्र सर्वोपरि – डॉ. राज कुमार मिश्र

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जयदीप मिश्रा /न्यूज रिपोर्टर/सूरजपुर/शासकीय महाविद्यालय सिलफिली के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं आई.क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्वावधान में 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर व्याख्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य वक्ता श्री बीके त्रिपाठी सहायक प्राध्यापक राजनीति शास्त्र छात्रों के बीच कारगिल युद्ध के कारण एवं उसके परिणाम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से ही पाकिस्तान कई बार भारत के कश्मीर के कुछ हिस्सों पर जिसे हम पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कहते हैं पर अपना अधिकार जताया रहा है, और समय समय पर वह इन सीमाओं पर घुस कर आतंक फैलाता रहता है। मई 1999 में पाकिस्तान के द्वारा आक्रमण किया गया। इसके जवाब में भारत में ऑपरेशन विजय नामक युद्ध अभियान प्रारंभ किया 3 महीने की इस युद्ध में 26 जुलाई 1999 को युद्ध भारत की विजय के साथ समाप्त हुआ। इस युद्ध में पाकिस्तान सेना के 700 से अधिक जवान मारे गए जबकि भारतीय सेना के 500 से अधिक जवानों ने अपनी जान गवा दी इन्हीं में से कैप्टन विक्रम बत्रा लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे सूबेदार योगेंद्र सिंह यादव एवं राइफलमैन संजय सिंह जैसे भारत के वीर सपूतों में अपनी प्राण की आहुति दी जिन्हें भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्था के प्राचार्य डॉ. रामकुमार मिश्र ने अपने उद्बोधन में छात्रों को यह बताया कि इस विजय दिवस को मनाने का आशय यह है कि हम अपनी व्यक्तिगत जीवन से समय निकालकर राष्ट्र हित के बारे में सोचें। देश भक्ति केवल सरहद में जाकर लड़ना नहीं है बल्कि हम जिस जगह पर हैं वहां पर अपनी दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें तो वह भी एक प्रकार की देश भक्ति ही है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी छात्रों एवं प्राध्यापकों द्वारा कारगिल के वीर सपूतों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन श्री अमित सिंह बनाफर ने किया एवं अन्य सहायक प्राध्यापक श्री अजय कुमार तिवारीए श्रीमती शालिनी शांता कुजूर प्रेमलता एक्का श्री आशीष कौशिक एवं कार्यालय के कार्यालय के स्टाफ उपस्थित रहे।