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छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की अभिनव पहल

रायपुर : छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की अभिनव पहल

हायर सेकेण्डरी के साथ 1557 विद्यार्थियों ने की आईटीआई की परीक्षा उत्तीर्ण

वर्तमान में 5789 विद्यार्थी ले रहे हैं प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों को हायर सेकेण्डरी के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा मिल रही है। राज्य में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर यह योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत कक्षा 11 वीं और 12वीं के पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को विभिन्न ट्रेडों में रोजगार मूलक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण के साथ-साथ विद्यार्थियों को आईटीआई का प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है। सत्र 2021-23 में 1557 विद्यार्थियों ने हायर सेकेण्डरी परीक्षा के साथ आईटीआई की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। वर्तमान में इस योजना में 5798 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण 11 ट्रेडों में दिया जा रहा है।
रोजगार और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 145 विकासखण्डों के 148 आई. टी. आई. में 148 हायर सेकेण्डरी स्कूलों के छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करने चिन्हांकित किया गया है। प्रथम चरण में सत्र 2021-23 में 116 विकासखण्डों में 119 आई. टी. आई. में कक्षा 11वीं के 3199 छात्रों को प्रशिक्षण हेतु प्रवेश प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत 1698 छात्र राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की परीक्षा में सम्मिलित हुए तथा 1557 छात्र उत्तीर्ण हुए। इसी प्रकार सत्र 2022-24 में 126 विकासखण्डों में 128 आई. टी. आई. में 3218 छात्रों को प्रवेश प्रदान कर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सन 2023-25 में अद्यतन 114 स्कूल के 2580 छात्र-छात्राएँ 113 आई. टी. आई. के विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण हेतु प्रवेश ले चुके हैं।

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यह योजना हायर सेकेण्ड्री स्कूलों के 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत नियमित विद्यार्थियों के लिए प्रारंभ की गई है। विद्यार्थियों को बारहवीं प्रमाण पत्र के साथ-साथ आई. टी. आई. का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना में विकासखण्ड स्तर पर आईटीआई और स्कूल का चयन इस प्रकार किया गया कि आईटीआई और स्कूल पास-पास हो ताकि व्यवसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ एवं स्कूल शिक्षा सुचारू रूप से संचालित हो सके। योजना में विद्यार्थियों को कारपेंटर, मैकेनिक डीजल, प्लम्बर, वेल्डर, सोलर टेक्निशियन, कम्प्यूटर ऑपरेटर एण्ड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्युइंग टेक्नालाजी, स्टेनोग्राफर एण्ड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट हिन्दी, टेक्निशियन स्मार्ट एग्रीकल्चर, टेक्निशियन स्मार्ट हेल्थ केयर, कम्प्यूटर हार्डवेयर एण्ड नेटवर्क मैनटेनेन्स में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। संस्था में उपलब्ध अधोसंचरना में यह प्रशिक्षण तृतीय पाली में संचालित किया जा रहा है।

योजना का मुख्य उद्देश्य दसवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को व्यवसायिक प्रशिक्षण के प्रति जागरूक करना, 12 वर्ष की स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के साथ-साथ आईटीआई से व्यवसायिक प्रशिक्षण का प्रमाण-पत्र प्रदान करना, जिससे व्यावसायिक प्रमाण पत्र के आधार पर युवाओं के रोजगार के अवसर में वृद्धि एवं कौशल क्षमता में विकास करना है। इसके साथ-साथ स्कूल शिक्षा से विद्यार्थियों का ड्रॉप आउट कम करना, व्यवसायिक प्रशिक्षण को शिक्षा के लिये आसान और प्रेरणादायक बनाने के साथ-साथ स्कूल एवं आई.टी.आई. के आधारभूत संरचनाओं का अधिकतम उपयोग करना है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 13 मई 2020 को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के परिपालन में प्रदेश के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्ययनरत स्कूली छात्रों को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं राज्य व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद् (एस.सी.व्ही.टी.) द्वारा संयुक्त रूप से प्रशिक्षण संचालित करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा 22 सितम्बर 2021 को स्कूलों तथा आई. टी. आई. में संयुक्त रूप से रोजगारोन्मुखी कौशल विकास तथा व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने के संबंध में स्वीकृति प्रदान की गई।

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