किसानों के बीच फसल विविधीकरण को दें बढ़ावा-कलेक्टर श्री भीम सिंह

 

रायगढ़, 10 जून2021कलेक्टर श्री भीम सिंह ने आज कृषि, पंचायत विभाग व नगरीय निकायों की बैठक लेकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना तथा गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। कलेक्टर श्री सिंह बैठक के दौरान सभी अधिकारी-कर्मचारियों को उनके क्षेत्र में किसानों को फसल विविधीकरण के फायदे बताते हुये दलहन-तिलहन के साथ अन्य फसल लगाने के लिये प्रोत्साहित करने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि फसलों को बदलकर लगाने के कई फायदे हैं एक ओर जहां यह भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाता है तो वहीं एक प्रकार की फसल लगाने से ग्राउण्ड वाटर लॉस जैसी समस्या से निजात मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजीव गांधी न्याय योजना में दलहन-तिलहन, मक्का, रागी, कोदो-कुटकी जैसी फसलों को शामिल किया है। जिससे किसानों को दोहरा लाभ है। गत वर्ष धान लगाने वाले किसान यदि इन फसलों को लगाते है तो उन्हें प्रति एकड़ दस हजार रुपये आदान सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि अब सहकारी समितियों में दलहन-तिलहन तथा अन्य फसलों के बीच किसानों को ऋण मान के रूप में मिलेंगे। इसके लिये सभी सहकारी समितियों में बीज के भंडारण करवाने के निर्देश दे दिये गये है, जिससे किसानों को बीज का उठाव करने में सुविधा हो। इसके साथ ही सरकार ने विभिन्न फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य भी घोषित किया है। रागी के लिये 3200 रुपये प्रति क्ंिवटल समर्थन मूल्य घोषित किया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जिले में किसानों से रागी 45 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेगी। रागी के पौष्टिक गुणों का लाभ लेकर कुपोषण मुक्ति के लिये इसके लड्डू बनाकर आंगनबाड़ी में बच्चों को दिया जायेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि किसानों को वृक्षारोपण के लिये भी प्रेरित करें। सरकार ने वृक्षारोपण के लिये भी आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके तहत वृक्षारोपण करने वालों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की आदान सहायता अगले तीन सालों तक प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत वृक्ष की लकड़ी के उपयोग को आसान बनाने के प्रावधान भी किये गये है। उन्होंने किसानों को फलदार तथा ईमारती लकड़ी लगाने के लिये प्रोत्साहित करने के लिये कहा। साथ ही गांवों की पड़त भूमि पर पंचायत या वन प्रबंधन समिति के माध्यम से भी वृक्षारोपण करवाया जा सकता है। इससे उन्हें भी आदान सहायता के रूप में तीन सालों तक आदान सहायता के रूप में प्रति एकड़ 10 हजार रुपये के मान से प्राप्त होगा।

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गोधन न्याय योजना के कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्यवाही
कलेक्टर श्री सिंह ने गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुये कहा कि यह शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने विकासखण्डवार गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन की समीक्षा की। कमजोर प्रदर्शन वाले गौठान के प्रभारियों पर गहरी नाराजगी जताते हुये उन्हें कार्य में सुधार लाने की हिदायत दी।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि यह योजना जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को आपसी सामंजस्य के साथ एक टीम के रूप में कार्य करने के लिये कहा। उन्होंने गौठान में गोबर को वर्मी पिट में डालने, उसमें केंचुआ मिलाने कंपोस्ट की नमी बनाये रखने के लिये पानी का छिड़काव और खाद को पिट से निकालने जैसे सारे समय पर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गौठानों में खाद तैयार करने में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने में मुख्य भूमिका कृषि विभाग की है। साथ ही संसाधनों का सहयोग व मैन पावर की देखरेख पंचायत विभाग को करनी है। सभी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी है। उन्होंने कहा कि यदि गौठान समिति या महिला स्व-सहायता समूह ठीक ढंग से काम नहीं करते है तो उन्हें हटाकर दूसरों को रखे।
इस दौरान सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल ने कहा कि गौठानों में निर्मित वर्मी वॉश तथा अन्य उत्पादों को स्थानीय स्तर पर बेचकर महिला समूह अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने बारिश के मद्देनजर गोबर को पिट में डालने तथा शेड में ही रखने के लिये कहा। इसके साथ ही उन्होंने बाहर पड़े गोबर में डी कम्पोजर डालकर सुपर कम्पोस्ट तैयार करने तथा उसका विक्रय करने के लिये कहा।
अच्छे काम वाले को टैब का पुरस्कार, कमजोर प्रदर्शन वालों को शो-काज नोटिस
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में सबसे अधिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन करने वाले सारंगढ़ विकासखण्ड के खम्हारपाली गौठान के आरएईओ श्री निषाद को एक टैब पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आगे सबसे अधिक वर्मी कम्पोस्ट बनाने वाले आरएईओ तथा विकासखण्ड के एसएडीओ को 10-10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। बैठक के दौरान समीक्षा में कमजोर प्रदर्शन करने वाले सकरबोगा, छिछोरउमरिया, छुहीपाली, कोड़तराई, तुरंगा, हर्राकोट के आरएईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार आमाघाट के आरएईओ द्वारा काम में लगातार लापरवाही किये जाने के कारण शो-काज नोटिस जारी करते हुये विभागीय जांच के निर्देश दिये।
इस दौरान उप संचालक कृषि श्री एल.एम.भगत, उप संचालक पशु पालन विभाग डॉ.आर.एच. पाण्डेय, सभी जनपद सीईओ, सभी नगरीय निकाय के सीएमओ, कृषि विभाग के एसएडीओ तथा आरएईओ सहित गौठानों के नोडल उपस्थित रहे।