देशब्रेकिंग न्यूज़

आज सिंदूर खेला के साथ विदा लेंगी मां दुर्गा, जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है सिंदूर उत्सव

 Durga Puja 2023 : विजयादशमी के दिन सिंदूर खेला का विशेष महत्त्व है। इस दिन सुहागिन मां से सिंदूर की होली खेल कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। सुबह दर्पण विसर्जन के बाद सिंदूर खेला की रस्म होगी। सिंदूर खेला की रस्म के बाद मां अपने धाम को लौट जाती हैं।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

शारदीय नवरात्रि का समापन हो चुका है और आज पूरे देश में दशहरा का त्योहार मनाया जाएगा। नवरात्रि का उत्सव रंग ढंग से मनाने की परंपरा है। दुर्गा पूजा के उत्सव में सिंदूर की होली खेलने की परंपरा बंगाल में बहुत प्रचलित है। शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन जब मां दुर्गा जब वापस जाती हैं तो उनकी विदाई के सम्मान में सिंदूर की होली खेली जाती है

सिंदूर खेला की रस्म 

सिंदूर खेला माता की विदाई के दिन खेला जाता है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होती हैं और एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। आज सिंदूर खेला मनाया जाएगा।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

नवरात्रि के दसवें दिन महाआरती के साथ इस दिन का आरम्भ होता है। आरती के बाद भक्तगण मां देवी को कोचुर, शाक, इलिश, पंता भात आदि का भोग लगाते हैं। इसके बाद मां दुर्गा के सामने एक शीशा रखा जाता है जिसमें माता के चरणों के दर्शन होते हैं। ऐसा मानते हैं कि इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। फिर सिंदूर खेला शुरू होता है। जिसमें महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगाकर और धुनुची नृत्य कर माता की विदाई का जश्न मनाती हैं। सिन्दूर खेला के बाद ही अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही मां दुर्गा का विसर्जन भी किया जाता है।

सिंदूर खेला का इतिहास ?

जानकारी के अनुसार सिंदूर खेला के इस रस्म की परंपरा 450 साल से अधिक पुरानी है। बंगाल से इसकी शुरुआत हुई थी और अब काशी समेत देश के अलग-अलग जगहों पर इसकी खासी रंगत देखने को मिलती है। मां दुर्गा 10 दिन के लिए अपने मायके आती हैं, जिसे दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है और जब वह वापस जाती हैं तो उनके विदाई में उनके सम्मान में सिंदूर खेला की रस्म की जाती है।

Pradesh Khabar

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!