राज्य के 4 लाख 42 हजार किसानों को हो चुका 528.41 करोड़ रूपए का फसल बीमा दावा का भुगता

रायपुर, राज्य के 4 लाख 42 हजार किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा के अंतर्गत अब तक 528 करोड़ 41 लाख 37 हजार रूपए की दावा राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह बीमा दावा राशि खरीफ सीजन 2020 में बीमित फसलों के एवज में किसानों की गई है। गौरतलब है कि खरीफ सीजन 2020 में राज्य के 13 लाख 95 हजार 143 किसानों ने अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराया था, जिसमें से 4 लाख 41 हजार 260 कृषकों को वास्तविक उपज में कमी के आधार पर अब तक 528 करोड़ 41 लाख रूपए की बीमा दावा राशि का भुगतान किया जा चुका है। फसल बीमा दावा के कुछ प्रकरण अभी भी भुगतान के प्रक्रियाधीन है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन एग्रीकल्चर कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड 20 जिलों में तथा बजाज एलायंज जनरल एंश्योरेंस कम्पनी द्वारा 8 जिलों में किया जा रहा है। किसानों को भुगतान की गई बीमा दावा राशि में से 491 करोड़ 58 लाख 50 हजार रूपए का भुगतान एग्रीकल्चर कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड तथा 36 करोड़ 82 लाख 88 हजार रूपए के भुगतान किसानों को बजाज एलायंज जनरल एंश्योरेंस कम्पनी द्वारा किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि फसलों के बीमा के लिए क्षेत्रवार फसलें अधिसूचित की जाती है। अधिसूचित फसलों का योजना के तहत किसान बीमा कराते हैं। कृषकों को दावा भुगतान थ्रेसहोल्ड उपज एवं फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त वास्तविक उपज में कमी के आधार पर दिया जाता है। बीमा दावा राशि का लाभ अधिकांशतः धान और सोयाबीन की खेती करने वाले किसान है, जिन्हें खरीफ 2020 में धान और सोयाबीन का वास्तविक उत्पादन प्राप्त नहीं हो सका था।
फसल बीमा योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले के सर्वाधिक 97462 किसानों को 149.24 करोड़, महासमुन्द जिले के 38557 कृषकों को 65.55 करोड़, बालोद के 31418 कृषकों को 28.83 करोड़, बलौदाबाजार के 19964 कृषकों को 12.77 करोड़, बस्तर के 18741 कृषकों को 7.12 करोड़, बिलासपुर के 12815 कृषकों को 1.93 करोड़, दंतेवाड़ा के 4954 कृषकों को 6.77 करोड़, धमतरी के 41138 कृषकों को 36.60 करोड़, दुर्ग के 18229 कृषकों को 12.21 करोड़, गरियाबंद के 7492 कृषकों को 7.29 करोड़, जांजगीर-चांपा के 21745 कृषकों को 13.11 करोड़, कबीरधाम के 9338 कृषकों को 19.65 करोड़, कोण्डागांव के 7907 कृषकों को 6.98 करोड़, कोरिया के 1744 कृषकों को 89.57 लाख, रायगढ़ के 4027 कृषकों को 99.79 लाख, रायपुर के 22864 कृषकों को 4.05 करोड़, सरगुजा के 1815 कृषकों को 85.05 लाख, कांकेर के 39871 कृषकों को 87.38 करोड़, बेमेतरा के 10993 कृषकों को 25.71 करोड़, कोरबा के 7080 कृषकों को 12.99 करोड़, मुंगेली के 4312 कृषकों को 3.28 करोड, सुकमा के 5330 कृषकों को 18.57 करोड़, सूरजपुर के 2962 कृषकों को 1.62 करोड़, जशपुर के 1094 कृषकों को 18.25 लाख, बलरामपुर के 203 कृषकों को 5.24 लाख, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के 6386 कृषकों को 2.63 करोड़, बीजापुर के 1998 कृषकों को 1.22 करोड़ तथा नारायणपुर जिले के 521 कृषकों को 35.82 लाख रूपए का दावा भुगतान किया गया है।