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प्राचार्य पदोन्नति हेतु जारी वरिष्ठता सूची में त्रुटि-व्याख्याताओं के नाम, नीचे-शिक्षकों में नाराजगी-प्रधान पाठक व व्याख्याता की संयुक्त सूची बने (प्रधान पाठकों ने पूर्व में व्याख्याता पद पदोन्नति स्वीकार कर पाप कर लिया ऐसा प्रतीत होता है)

प्रभा सिंह यादव/ ब्यूरो चीफ/सरगुजा// छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध ने संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ को मांग पत्र सौपकर 01 अप्रैल 2020 की स्थिति में 16 फरवरी 2021 को प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला स्नातकोत्तर एवं प्रशिक्षित ई संवर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची में सरल क्रमांक 01 से 700 तक शिक्षकों के उल्लेखित नामों में पूर्व में प्रधान पाठक से व्याख्याता पद पर पदोन्नत शिक्षकों के नाम न होने से प्रदेश मे वरिष्ठ व सेवा निवृत्ति के कगार पर पहुंच चुके शिक्षकों में नाराजगाी को दूर करने की मांग की है।

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छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध के प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि शिक्षा विभाग में वर्तमान् में रिक्त प्राचार्य के पद पर पदोन्नति हेतु जारी जारी वरिष्ठता सूची दिनांक 16 फरवरी 2021 में प्रधान पाठक मिडिल स्कूल व व्याख्याता दोनों के वरिष्ठता तिथीयों में अंतर होने के कारण कनिष्ठ लोग प्राचार्य बन जावेगें तथा वरिष्ठ लागे व्याख्याता के पद पर पूर्व से पदोन्नति स्वीकार कर लेने के कारण प्राचार्य पद में पदोन्नति से वंचित हो रहे है। पूर्व में व्याख्याता के पद पर पदोन्नति हो चुके शिक्षकों के गोपनीय चरित्रावली न मंगाएं जाने से समस्या उत्पन्न हो गई है। संध ने संचालक व शिक्षा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर मिडिल स्कूल प्रधान पाठक व व्याख्याता के संयुक्त वरिष्ठता सूची बनाने तथा व्याख्याता पद पर पदोन्नत् हो चुके शिक्षकों को भी पदोन्नति के पूर्व की तिथी से वरिष्ठता की गणना करने की मांग की है। पूर्व में पुरानी व्यवस्था के तहत रिक्त पद के 40 प्रतिशत् पद पर उच्च श्रेणी शिक्षकों को तथा 60 प्रतिशत् पद व्याख्याताओं को पदोन्नत् कर प्राचार्य के पद पर पदोन्नत् किये जाने की व्यवस्था थीं। जिसे कालांतर में बदल दिया गया। इससे यदि 200 प्राचार्य के पद रिक्त है तो उसके अनुसार 130 पद एवं 65 पद पर दोनों संवर्ग पदोन्नत् होगें। क्योंकि वरिष्ठता सूची में 1.04.20 की स्थिति में प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला (स्नातकोत्तर एवं प्रशिक्षित) ई संवर्गकी अंतरिम वरिष्ठता सूची का प्रकाशन 11 मई 2020 को किया गया तब व्याख्याता के साथ प्रधान पाठक की संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी की गई थीं। किंतु वर्तमान् में प्रधान पाठक पूर्व माध्य. शाला के लगभग 700 शिक्षकों के गोपनीय चरित्रावली पदोन्नति हेतु मांगा गया है, इसमें वर्तमान् में जो प्रधान पाठक व्याख्याता के पद पर पदोन्नत हो चुके है, उनका नाम शामिल नहीं किया गया है। इससे पूर्व में प्रधान पाठक से व्याख्याता के पद पर पदोन्नति को स्वीकार करने वाले शिक्षकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति के अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है जिन शिक्षकों ने व्याख्याता के पद पर पदोन्नति स्वीकार कर ली थी उन्होने कोई पाप कर लिया है, उन्हें प्राचार्य पद से वंचित कियाजारहा है। संध ने मिडिल स्कूल प्रधान पाठक व व्याख्याता की संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग संचालक से की है। संध ने बताया है कि बिलासपुर संभाग में ऐसा ही प्रकाशन किया गया था। अन्य शिक्षा संभाग में ऐसा न होने यह विवाद माननीय उच्च न्यायालय में पहंुच गया जहां माननीय उच्च न्यायालय ने स्थगन प्रदान कर दिया है। संध के कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुव, प्रांतीय उपाध्यक्ष व्ही.एस.परिहार, राजेन्द्र झा, कोषाध्यक्ष रविराज पिल्ले, आलोक जाधव, विमलचंद्र कुण्डू, सुरेन्द्र त्रिपाठी, डाॅ. अरूंधति परिहार, रामकिशोर शुक्ला, जी.आर. चन्द्रा, आदि नेताओं ने शिक्षकों की प्राचार्य पद पर पदोन्नति मामले में छत्तीसगढ़ पदोन्नति नियम 2003 के प्रावधान के तहत वरिष्ठता-सह-उपयुक्तता के निर्देश का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

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