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अज्ञात महिला की जली हुई लाश मामले में पति ही निकला हत्यारा

अज्ञात महिला की जली हुई लाश मामले में पति ही निकला हत्यारा

पारिवारिक विवाद एवं चरित्र शंका बना हत्या का मुख्य कारण

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बेमेतरा – चौकी प्रभारी कंडरका को 18 जनवरी को सूचना प्राप्त हुईं थी कि ग्राम नेवनारा के पास उरला – कंडरका – बेरला मुख्य मार्ग के समीप अज्ञात महिला का शव जली हुई स्थिति में मिला हैैं, मौके पर पहुचने के बाद चौकी प्रभारी कंडरका द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को हालात से अवगत कराने पर पुलिस अधीक्षक बेमेतरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेरला घटना स्थल पर पहुचे और तत्काल डाॅग स्काॅड, सीन आफ क्राईम यूनिट व सायबर सेल की टीम को मौके पर बुलाया गया, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक बेमेतरा द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेरला तेजराम पटेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेमेतरा मनोज तिर्की, थाना प्रभारी बेरला विवके पाटले, थाना प्रभारी कोतवाली अजय सिन्हा, निरीक्षक भावना खंडारे, सायबर सेल प्रभारी मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी चंदनू योगेश अग्रवाल, चैकी प्रभारी कंडरका कंवल सिंह नेताम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर प्रकरण के त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।
घटना स्थल के प्रारंभिक अवलोकन पर पाया गया कि जला हुआ शव किसी महिला का है और यह प्रतीत हो रहा था कि घटना कारित करने वाले आरोपी द्वारा मृतिका की पहचान छुपाने के आशय से हत्या कर शव को जला दिया है, मौके पर प्रारंभिक मर्ग पंचनामा कार्यवाही के दौरान मृतिका के शव के दाहिने हाथ में एक चांदी की अंगुठी मिली जिसममें s लिखा हुआ था, दोनो पैर में मोजा पहनी हुई थी, शव के समीप गोल्डन पाॅलिस वाली बाजारू बाली तथा एक लाल रंग के फ्रेम वाला चश्मा प्राप्त हुआ जिसके ग्लास का पावर 7.5 था। मर्ग पंचनामा कार्यवाही के उपरांत शव को परीक्षण हेतु मेकाहारा रायपुर भेजा गया, डांक्टर द्वारा शव के शव परीक्षण उपरांत मृतिका की मृत्यु हत्या करने से होना लेख किये तब शार्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर चैकी कण्डरका थाना बेरला में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 25/2024 धारा 302,201 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया।
मृतिका की पहचान एक चुनौती एवं पहचान हेतु किया गया प्रयास विवेचना के दौरान प्रारंभिक रूप से पुलिस टीम के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती मृतिका की पहंचान प्रतिस्थापित करना था, इसके लिये पुलिस अधीक्षक बेमेतरा के निर्देशानुसार 4 पृथक-पृथक टीम गठित कर घटना स्थल से बरामद पहंचान योग्य वस्तुओं का समावेश करते हुये पाम्पलेट तैयार कर जिला बेमेतरा, जिला दुर्ग (विशेष रूप से नंदिनी थाना क्षेत्र), जिला रायपुर (विशेष रूप से थाना उरला, चैकी सिलतरा, थाना आमानाका के औद्योगिक क्षेत्र), जिला बलौदाबाजार क्षेत्र के थानों में सम्पर्क कर आम जनता को पाम्पलेट दिखाकर, चौक-चैराहो व महत्वपूर्ण स्थानों तथा कंडरका, उरला, सिलतरा, टाटीबंध क्षेत्र के सभी फैक्ट्रियों में अधिकाधिक संख्या में पाम्पलेट चस्पा किया गया व बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार जिले के सभी थानों पिछले एक माह के अंतर्गत गुम इंसान की लगातार सघन पता तलाश की गई, साथ ही घटना स्थल के आस-पास सभी सीसीटीवी कैमरों का सघन अवलोकन किया गया एवं आस-पास के सभी सरपंच, सचिव, जन प्रतिनिधिगण, कोटवार के वाॅट्सअप ग्रुप, मीडिया ग्रुप्स, पुलिस विभाग के वाट्सअप ग्रुप्स, प्रिंट मीडिया में घटना के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराते हुये लगातार प्रयास किया गया साथ ही पीड़िता की पहंचान बताने वाले व्यक्ति के लिये पुलिस अधीक्षक बेमेतरा द्वारा 10 हजार रूपये की नगद पुरस्कार की उद्घोषणा जारी की गई।
उक्त सतत प्रयासों के साथ ही साथ सायबर सेल बेमेतरा की टेक्निकल टीम लगातार लाखों मोबाइल नम्बरों का विश्लेषण कर रही थी, इस दौरान कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर प्राप्त हुये जिसमें से एक नम्बर मौदहापारा रायपुर निवासी सोनिया पति सतीश के नाम पर था। उक्त मोबाइल धारक के संबंध में अग्रिम पतासाजी करते हुये पुलिस टीम हीरापुर रायपुर पहुंची जहां घटना से पूर्व मृतिका जिस मकान में निवास करती थी वहां निवासरत लोगों को घटना स्थल से बरामद वस्तुएं मृतिका का अंगुठी, कान की बाली एवं एक लाल फ्रेम वाला चश्मा दिखाने पर उन वस्तुओं की पहंचान सोनिया उर्फ रूबीना के समानों के रूप में की गई, जिसके परिजनों से सम्पर्क करने पर बताया गया कि रूबीना की शादी सतीश से हुई थी तब उसने अपना नाम बदलकर सोनिया रख लिया था, दोनों के दो बच्चे हैैैं जो वर्तमान मे अपने दादा-दादी के पास जिंद (हरियाणा) में रह रहे है, सतीश हमेशा सोनिया पर चरित्रशंका करता था और आये दिन घर में सोनिया के साथ मारपीट व वाद विवाद किया करता था, जिससे तंग आकर सोनिया सतीश से अलग होकर हीरापुर में किराये का मकान लेकर रहती थी और पास ही के हाटल में काम कर अपना आजीविका चलाती थी।
आरोपी के गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक बेमेतरा द्वारा थाना प्रभारी बेरला विवेक पाटले व थाना प्रभारी चंदनू योगेश अग्रवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जिंद (हरियाणा) रवाना की गई। किन्तु टीम को वहां सतीश नहीं मिला एवं पता चला कि सतीश लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और जानकारी प्राप्त हुई कि सतीश भागकर पुनः रायपुर आ गया हैं, आज 9 फरवरी को दबिश देकर सतीश को रायपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर पता चला कि दिनांक 17 जनवरी को आरोपी सतीश मृतिका को मिलने बुलाया था जिसके बारे मे मृतिका अपने परिचित जनों को बताई थी। मुलाकात होने पर सतीश मृतिका को स्कुटी में बैठाकर रायपुर एवं आस-पास के अलग-अलग जगहों पर घुमाता रहा, सिलतरा होते हुये अंदर-अंदर के रास्ते से होकर घटना स्थल ग्राम नेवनारा के समीप नाला के पास के कच्चे रास्ते में लेकर गया। वहां मृतिका को उसी के दुपटटे से गला घोटकर एवं पेचकस से गले एवं छाती में वार करके हत्या कर दिया एवं हत्या पश्चात् पहचान छुपाने के उद्देश्य से पेट्रोल डालकर मृत शरीर को जला दिया एवं स्कुटी लेकर मौके से फरार हो गया। इस प्रकार पारिवारिक विवाद व पत्नि पर चरित्र शंका के कारण हत्या कारित किया। जिसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जावेगा। उक्त कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक बेमेतरा द्वय श्रीमती भावना गुप्ता व रामकृष्ण साहू के कुशल मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल के नेतृत्व एवं लगातार दिशा निर्देश, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेरला तेजराम पटेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेमेतरा मनोज तिर्की के नेतृत्व में थाना प्रभारी बेरला विवके पाटले, सायबर सेल प्रभारी मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी चंदनू योगेश अग्रवाल, श्रीमति भावना खंडारे थाना प्रभारी अजाक, चैकी प्रभारी कंडरका केवल सिंह नेताम, सउनि. द्वारिका घृतलहरे, प्रआर. लोकेश सिंह सायबर सेल बेमेतरा व टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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