जिलें के बच्चें हैं बहुत होशियार, बच्चों को प्रोत्साहित कर शैक्षणिक स्तर को करें और बेहतर – कलेक्टर

जिलें के बच्चें हैं बहुत होशियार, बच्चों को प्रोत्साहित कर शैक्षणिक स्तर को करें और बेहतर – कलेक्टर

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा – कलेक्टर

स्कूलों में जाकर मध्यान्ह भोजन के गुणवत्ता का अवलोकन कर निराकरण करने एसडीएम को दिए निर्देश

सभी स्कूलों में रंगाई-पुताई कराने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई कराने के दिए निर्देश

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

बेमेतरा – कलेक्टर रणबीर शर्मा ने आज कलेक्टरेट के दिशा सभाकक्ष में प्रातः 10 बजे स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत एमडीएम संचालन समिति, फीस निर्धारण समिति एवं आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय संचालन समिति की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के विभिन्न योजनाओं जैसे आरटीई (RTE) मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति, विद्यार्थियों की उपलब्धि स्तर एवं शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र-शिक्षक अनुपात एवं एसएमसी/एसएमडीसी की नियमित बैठकों के आयोजन की स्थिति के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्यों एवं शाला मरम्मत कार्यों, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। जिसमें कलेक्टर ने मुख्य रूप से स्थानीय महिला स्व सहायता समूह के द्वारा संचालित योजनाओं एवं शालाओं में सुरक्षित किचन-सह-भंडार की उपलब्धता व शालाओं में पोषण वाटिका किचन गार्डन विकसित करने के संबंध में समीक्षा की। शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकाय के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम को प्राथमिकता के साथ संचालित करने को कहा। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूलों में किचन गार्डन नही है वहां स्कूल के प्राचार्य से समन्वय बनाकर किचन गार्डन व सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। साथ ही उन्होंने किचन भंडार की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन स्कूलों में किचन भंडार जर्जर है उसका शीघ्र मरम्मत कर अपूर्ण भंडार कक्ष को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधीश ने जिलें अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से संचालित किया जाता है तथा सहायिका के माध्यम से छात्रों को खाना परोसा जाता है। उन्होंने शाला स्तर पर शालेय स्टाफ तथा शाला प्रबंधन एवं विकास समिति सदस्यों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बाजारों से जो हरी सब्जियां खरीद के लाते हैं उसके स्थान पर हरी सब्जी का प्रबंध किसानों के खेतों से किया जाए, ताकि बच्चों को ताजी हरी सब्जियां प्राप्त हो सके। साथ ही शाला के बच्चों को परोसे जा रहे मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों को निर्धारित समयावधि में उपस्थित होने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने जिले के सभी स्कूलों में रंगाई-पुताई कराने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई कराने तथा शिक्षकों को निर्धारित समयावधि में नियमित उपस्थित रहने के निर्देश देते हुए निर्धारित समय पर स्कूलों में अनुपस्थित पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
कलेक्टर द्वारा विद्यार्थियों के उपलब्धि व स्तर सुधार के संबंध में विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी स्तर पर कॉमन कान्सेप्ट डेवलप हो। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति का विशेष ध्यान रखा जाए। अनियमित उपस्थिति वाले बच्चों के संबंध में शाला समिति/पालक शिक्षक संघ के माध्यम से समुचित प्रयास किया जावे, ताकि उनके शाला त्यागने की स्थिति न बने। शिक्षक समय पर शाला आएं एवं समय-सारणी अनुसार कक्षाओं में नियमित रूप से पढ़ाएं। सबके समन्वित प्रयास से शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करना है, इसके लिए जिला, विकासखण्ड एवं संकुल स्तर से सतत मानिटरिंग आवश्यक है। जब तक मानिटरिंग तंत्र में कमी रहेगी, शिक्षा व्यवस्था में भी कमियां परिलक्षित होती रहेंगी। सब शिक्षक मन लगाकर काम कर सकें, इस हेतु अधिकारियों को विशेष रूप से हिदायत दी गई कि किसी कर्मचारी/शिक्षक को सेवा एवं अवकाश संबंधी समस्या न हो, यदि कोई प्रकरण आए तो त्वरित निराकरण किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती लीना मंडावी, सर्व एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, सर्व बीईओ, फीस समिति के सदस्य व अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।