
4 दिवसीय 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में प्रतिदिन 40,392 श्रद्धालु आहुति दे रहे है जो अब तक 1लाख21 हजार176 श्रद्धालु आहूति दी जा चुकी हैं कल तक बढ़ कर 1 लाख 61 हजार 568 हो जायेगी।
आज उपनयन “यगोपवित” संस्कार वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच किया गया। उपनयन संस्कार से पूर्व मुंडन, स्नान कराया गया। वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ यज्ञ स्थल पर ले जाया गया ।जहां जनेऊ में 5 गांठों के महत्व ब्रह्म, धर्म, अर्थ ,काम और मोक्ष की प्रतीक को समझाया गया ।ये पांच गांठें पांच ज्ञानेंद्रियों और पांच कर्म का प्रतीक समझाते हुए इसे पवित्र बनाए रखें का संकल्प लिया गया ।जनेऊ धारण करने वाले जजमान को समझाते हुए पंडितों ने बताया कि ब्रह्म दंड के बिना शिष्यों में ज्ञान नहीं आता। बिना गुरु ज्ञान अधूरा है ।गुरु के बताए हुए रास्ते पर चलें
उल्लेखनीय है कि स्थानीय गौरी शंकर मंदिर स्थित गायत्री शक्तिपीठ के विशाल परिसर में लंबे अरसे के बाद 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का संगीतमय कथा का आयोजन धूम धाम से चल रहा है। इस भव्य कार्यक्रम का मूर्त रूप देने के लिए नगर के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष गोयल सहित नगरपंचायत अध्यक्ष आशीष यादव,राम पटेल ,जानकी वर्मा, सरोज सिंह ,विमल रजक, बिंदु गुप्ता ,साहेब पाठक, श्रीकांत मिश्रा ,सुरेश सिंह, जगदीश राम ,सुमंत, धर्मपाल साहू, मनोज सिंह, जयप्रकाश यादव ,किरण पटेल, श्यामा पांडे, गिरधर तिवारी, गौरी शंकर तिवारी, राजमणि पटेल, आदि यज्ञ व्यवस्था में लगे हुए है।समिति के शेष नारायण क्षत्रि ने धर्म प्रेमियों को कल पूर्णाहूति में अधिक से अधिक महायज्ञ के पूर्णाहुति मे सम्मिलित हो पुण्य कमाने की बार बार अपील की जा रही है।