स्कूल में बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास होना चाहिए – कलेक्टर

स्कूल में बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास होना चाहिए – कलेक्टर

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

राजनांदगांव//कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शाला उत्सव एवं शिक्षण कार्यों के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि स्कूल पठन-पाठन, अध्ययन-अध्यापन के साथ-साथ खेल कूद और अन्य पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाओं का केन्द्र होना चाहिए। स्कूलों में शिक्षक ऐसा वातावरण बनाये जैसे पहले गुरूकुल में हुआ करता था। स्कूल में बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास होना चाहिए। बच्चों एवं शिक्षकों में रचनात्मक गतिविधियां बहुत होती है इसे स्कूलों में करने कहा। बच्चों को अपने आस-पास के वातावरण को कैसे साफ-सफाई एवं स्वच्छ रखें इसकी जानकारी देनी चाहिए। स्कूलों में स्वच्छ वातावरण बनाएं जिससे सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो। उन्होंने स्कूलों में सकारात्मक वातावरण बनाने कहा। उन्होंने स्कूलों में नियमित अभिभावकों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, वृक्षारोपण, खेत का पानी खेत में ही रूके, गांव का पानी गांव में ही रूके, फसल चक्र करना, कम पानी वाली फसलों का उपयोग करने जैसे बातों को बच्चों को बताने कहा। जिससे बच्चों का ज्ञान बढ़ेगा और उनके जीवन में काम आएगा।
कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि नये शिक्षण सत्र शुरू होने के पहले सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक, गणेवश एवं सायकल मिल जानी चाहिए। जिससे बच्चे को शुरू से ही पढ़ाई करने में आसानी हो सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण में परिवर्तन होते जा रहा है। इसके लिए जल संरक्षण एवं संवर्धन, वृक्षारोपण, फसल चक्र, कम पानी लगने वाली फसलों को प्रोत्साहित करना एवं उपयोग करने कहा और बच्चों को इसके संबंध में शिक्षा भी देना है। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों के शिक्षक एवं शासकीय हॉस्पिटल के डाक्टरों में अनुभव और ज्ञान बहुत होता है। इसका सही तरीके से उपयोग करने की जरूरत है। स्कूलों में संसाधनों की कमी नहीं है इसका सही तरीके से उपयोग करने की जरूरत है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जिले के शासकीय स्कूलों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने कहा। सभी स्कूलों में ग्रीन स्कूल की तर्ज पर वृक्षारोपण करने कहा और इसके साथ जल संरक्षण के उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए कार्ययोजना बनाकर देने कहा। जिससे पानी का संरक्षण किया जा सके। उन्होंने महिला एवं विकास विभाग के अधिकारियों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए बच्चों का चिन्हांकन उन्हें पौष्टिक आहार नियमित प्रदान करने कहा।
सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने सभी शासकीय स्कूलों भौतिक जानकारी भेजने कहा। जिससे वहां की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए रैन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्लान करने कहा। जिससे बारिश एवं वेस्टेज पानी का संरक्षण कर सके। उन्होंने स्कूलों के बच्चों को ओडीएफ मित्र बनाने कहा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में वृक्षारोपण करना है, जिसके लिए प्लान करने कहा। वृक्षारोपण के लिए पौधे उपलब्ध कराए जा सके। इसके साथ किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में आहाता निर्माण, मैदान समतलीकरण जैसे आधारभूत संरचनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने कहा। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल, सहायक संचालक आदित्य खरे, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, जिला मिशन समन्वयक सतीश ब्यौहारे सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।