स्कूली बच्चों के बेहतर परिणाम के लिए शिक्षक शुरू से ही ध्यान दे

स्कूली बच्चों के बेहतर परिणाम के लिए शिक्षक शुरू से ही ध्यान दे

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कलेक्टर ने ली स्कूल शिक्षा विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक

विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर मूलभूत सुविधाओं व समस्याओं की जानकारी ली

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गरियाबंद //कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में आज स्कूल शिक्षा विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, शाला प्राचार्य, संकुल प्रभारी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की संपूर्ण विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर मूलभूत सुविधाओं व समस्याओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने इस वर्ष जारी हुए कक्षा 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साथ ही आगामी नए शिक्षा सत्र में और बेहतर प्रयास कर स्टेट मेरिट सूची में आने का प्रयास करने की नसीहत दी। कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित प्राचार्य एवं संकुल प्रभारी से आगामी नए शिक्षण सत्र में जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि एक दूसरे से समन्वय बनाकर सभी अपनी कर्तव्य का निर्वहन भली भांति करें। अपने स्कूल परिसर का वातावरण स्वच्छ रखें।
कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि अपने-अपने स्कूल के बच्चों के पलकों को बुलाकर पालक-बालक बैठक आयोजित कर बच्चों के सर्वांगीण विकास में चर्चा कर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करें। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए अपने स्कूल के बच्चों का मनोबल बढ़ाएं। उन्हें हमेशा सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई के प्रति जागरूक करें। जिससे जिले का शिक्षा स्तर ऊंचा हो सके। साथ ही उन्होंने प्राचार्य एवं संकुल प्रभारी को शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जमीनी स्तर की समस्याओं एवं मूलभूत आवश्यकताओं को समय-समय पर संबंधित अधिकारी को अवगत कराते रहने कहा। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि शिक्षकों के अपने कार्य के प्रति लापरवाही करने एवं अनाधिकृत तरीके से छुट्टी लेने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करें। कोई भी शिक्षक बिना सूचना के गायब नहीं होने चाहिए। उन्होंने स्कूलों के निर्माणाधीन भवन, शौचालय, भवन मरम्मत, किचनसेड आदि सुधार व्यवस्था की जानकारी लेते हुए आगामी नए शिक्षा सत्र के लिए स्कूलों में साफ सफाई, रंग-रोगन, शौचालय, विद्युत व्यवस्था करने के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जर्जर भवन पर किसी भी तरह की कक्षाएं संचालित न करे, न ही स्कूली बच्चों को उसके आसपास जाने न दे। उन्होंने दाखिला पंजी एवं अन्य पंजियों का संधारण करने, पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश का ऑनलाईन एन्ट्री कराने, ड्रापआउट बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें फिर से प्रवेश दिलाने। आईसीटी, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालय का बेहतर रख-रखाव एवं उसका उपयोग बच्चों के लिए करने, आंगनबाड़ी केन्द्रों से शत प्रतिशत बच्चों का शाला में प्रवेश, स्कूल खुलने के प्रथम दिवस न्यौता भोज का आयोजन करने के लिए समाज के सभी लोगों से सहभागिता सुनिश्चित कराए। जल जीवन मिशन के तहत सभी स्कूलों में नल कनेक्शन लगवाये। जिले के किसी भी स्कूलों में नवाचार किया जाता है तो उसका फोटोग्राफ्स ग्रुप में अवश्य शेयर करे। उन्होंने बिना कोई परेशानी के सरलता से प्रवेश प्रक्रिया को संपन्न कराने कहा। साथ ही उन्होंने जिले के सभी स्कूल परिसर में किचन गार्डन बनाने कहा। किचन गार्डन में अच्छे-अच्छे पेड़-पौधे लगाकर अपने शाला परिसर को सुंदर एवं स्वच्छ बनाएं। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की मीनू की जानकारी लेकर बच्चों के मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में कोई कमी ना हो, उन्हें उचित पोषण मिले मीनू में अच्छे पौष्टिक आहार सम्मिलित करने निर्देश दिए। स्वसहायता समूह के माध्यम से बच्चों के लिए भोजन बनवाए। उन्होंने आगामी शिक्षा सत्र के शाला प्रवेश उत्सव की तैयारी की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त शिक्षा विभाग के शिक्षकों को शाला परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं स्वयं स्वच्छता का पालन करने कहा है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री ए.के. सारस्वत, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, स्कूल प्राचार्य सहित संकुल प्रभारी शिक्षकगण उपस्थित थे।