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रोजगार मिलने से परिवारों का होगा सामाजिक एवं आर्थिक विकास : मंत्री लखन लाल देवांगन

रोजगार मिलने से परिवारों का होगा सामाजिक एवं आर्थिक विकास : मंत्री लखन लाल देवांगन

रायपुर/कलेक्टर अजीत वसंत, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, महापौर राजकिशोर प्रसाद और वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने 108 बेरोजगार युवाओं को जिला खनिज न्यास मद से मानदेय के आधार पर नजदीक के स्कूलों में भृत्य और अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति का प्रमाण पत्र प्रदान किया। मुख्य अतिथि मंत्री देवांगन ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए डीएमएफ का गठन किया था, जिसका आज वास्तविक लाभ मिल रहा है। डीएमएफ की पहाड़ी कोरवाओं और बिरहोरों को रोजगार मिलने जा रहा है, यह एक बड़ी उपलब्धि है।

यदि किसी भी परिवार में एक सदस्य को रोजगार मिलता है तो परिवार खुशहाली के रास्ते पर आगे बढ़ता है; पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति का आर्थिक और सामाजिक विकास होगा और वे विकास की ओर बढ़ेंगे। DMF ने 79 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को भृत्य और 29 युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में नौकरी दी।

मुख्य अतिथि श्री देवांगन ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में कहा कि देश के प्रधानमंत्री निरंतर विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को विकास की राह पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पीवीटीजी लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना का उपयोग किया गया है। छत्तीसगढ़ को विकास की ओर ले जाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी योजना बनाकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना से प्रदेश की गरीब महिलाओं का आर्थिक विकास हो रहा है, साथ ही किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य में वृद्धि और आयुष्मान योजना से किसानों और आम लोगों को लाभ मिल रहा है।

उनका कहना था कि जिला खनिज न्यास मद से क्षेत्र का विकास और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। जिले के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को नीट और जेईई की परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए भी कोचिंग दी गई है।

कटघोरा प्रेमचंद पटेल, विधायक, ने कार्यक्रम में कहा कि कोरबा जिले की पहचान कोरवा जनजाति परिवारों से है। जनप्रतिनिधि होने के नाते मूल निवासियों का उत्थान कैसे किया जा सकता है, यह हमेशा चर्चा में रहता है। यह खुशी की बात है कि आज जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को अपने ही गांव में रोजगार मिल रहा है, क्योंकि जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक दिन पहले ही बाहर भेज दिया गया था। उनका कहना था कि रोजगार से हम पिछड़ेपन को दूर कर विकास और भाग्य को बदल सकते हैं।

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विधायक पटेल ने प्रधानमंत्री द्वारा पीवीटीजी को प्रधानमंत्री जनमन योजना से विकास की राह पर लाने के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन की पहल पर पिछड़ी जनजाति परिवारों को आगे आने का मौका मिला है। उन्हें आकांक्षी जिला के रूप में नामांकित कोरबा को विकास के माध्यम से सामान्य जिले के रूप में विकसित करने का लक्ष्य था। कार्यक्रम में महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि डीएमएफ से रोजगार का अवसर मिलना और डीएमएफ से जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को राजधानी में मुफ्त कोचिंग की सुविधा मिलना दो बड़े उपलब्धि हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों का आर्थिक स्तर कम है, इसलिए रोजगार मिलने पर उनका जीवन स्तर बदल जाएगा। पारिवारिक और सामाजिक परिवेश भी बदलेंगे। इसलिए, नौकरी मिलने वाले युवा बेवजह नहीं छोड़ेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों के बसाहटों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के सदस्यों को नौकरी मिलना उनके जीवन में एक नया अध्याय है।

कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देश पर जिला खनिज न्यास के माध्यम से जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को चिन्हित कर योग्यतानुसार रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। पूर्व में कुछ युवा स्वास्थ्य विभाग में भृत्य बन गए। शिक्षा विभाग आज 108 युवाओं को स्कूलों में अतिथि शिक्षक और भृत्य के पद पर मानदेय के आधार पर नियुक्त कर रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह नौकरी का अवसर अंतिम नहीं है। यह काम पिछड़ी जनजाति के युवा को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर रोजगार के अवसरों को पाने में मदद कर सकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

मंत्री देवांगन के आग्रह पर मानदेय बढ़ा

मुख्य अतिथि लखन लाल देवांगन, वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री, ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के शिक्षित सदस्यों को नियुक्ति प्रमाण पत्र देने के साथ ही स्कूलों में भृत्य और अतिथि शिक्षक के रूप में काम करने वाले युवाओं के मानदेय में दो-दो हजार रुपये की वृद्धि की मांग की। जो कलेक्टर ने सहर्ष स्वीकार किया और मानदेय बढ़ा दिया। अब छह हजार रुपये के स्थान पर आठ हजार रुपये, आठ हजार रुपये के स्थान पर दस हजार रुपये और दस हजार रुपये के स्थान पर बारह हजार रुपये मिलेंगे।

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