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एटक के कार्यकर्ताओं ने 61 सूत्रीय मांगों को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष दिया धरना प्रदर्शन

एटक के कार्यकर्ताओं ने 61 सूत्रीय मांगों को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष दिया धरना प्रदर्शन

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गोपाल सिंह विद्रोही //प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़//बिश्रामपुर – श्रमिक हितैषी 61 सूत्री मांग को लेकर संयुक्त कोयला मजदूर संघ एटक ने विशाल रैली निकाल कर महाप्रबंधक कार्यालय में किया धरना प्रदर्शन किया।
आज संयुक्त कोयला मजदूर संघ एटक कार्यालय से सैकड़ो की संख्या में बिश्रामपुर क्षेत्र के कर्मचारी एवं ठेका मजदूरों ने विशाल रैली निकालकर महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष पहुंचकर प्रबंधन के खिलाफ जम कर नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट को जाम कर धरना प्रदर्शन किया.. धरना प्रदर्शन में उपस्थित कर्मचारियों एवं ठेका मजदूरों को संबोधित करते हुए एसकेएमएस एटक के केंद्रीय अध्यक्ष का. अजय विश्वकर्मा ने बताया कि मजदूर वर्ग पर लगातार हमले हो रहे हैं कर्मचारी श्रमिकों के अधिकारों पर लगातार कटौती हो रही है वर्तमान केंद्र सरकार आउटसोर्सिंग, अस्थाईकरण और ठेकाकरण से देश की तमाम पब्लिक सेक्टर को निजी हाथों में सौंप रही है. मेहनत से हासिल किए गए श्रम अधिकारों को नाकाम करना और चरम मुनाफा कमाना, फिक्स्ड टर्म एम्प्लाॅयमेंट और अप्रेंटिसशिप ‘हायर एंड फायर’ रखो और निकालो की नीतियों से सार्वजनिक क्षेत्र को समाप्त करने में लगी है. सरकार की मजदुर विरोधी नीतियों का सामना करने सभी किसान मजदूर कर्मचारी को एकजुट होकर एक झंडे के नीचे आना होगा..
एटक के क्षेत्रीय सचिव पंकज गर्ग ने अपने सम्बोधन में कहा कि क्षेत्र में आईआर सिस्टम बिल्कुल चौपट हो गया है, सीटीओ के नाम पर खदानों को बंद कर कर्मचारियों को सरप्लस करने की साजिश की जा रही है वर्तमान में रेहर खदान तथा बलरामपुर खदान बंद है. केतकी खदान का उत्पादन ढुलमुल है. क्षेत्र में कर्मचारियों की आवागमन के लिए बस की सुविधा नहीं है कर्मचारी निवास एवं कॉलोनी की स्थिति जर्जर है क्षेत्र से लगातार कोयला, लोहा कीमती सामानों की चोरियां हो रही है. अस्पतालों में दवाइयां सहित अन्य सुविधाओं का बेहद अभाव है. कार्यस्थल में कर्मचारियों के लिए सुविधाओं का बेहद अभाव है, रेस्ट शेल्टर जर्जर है, पानी की ठोस व्यवस्था नहीं है पूर्व में बने एक कैंटीन की हालत गंभीर है. ठेका श्रमिकों का शोषण लगातार हो रहे हैं, एटक संगठन ने आंदोलन करके क्षेत्र के खदान में ठेका श्रमिकों को हाई पावर कमेटी का वेतन भुगतान कराया है लेकिन कुछ ठेका मजदूर अभी भी ऐसे हैं जिन्हें ठेकेदार द्वारा 400-500 रूपये देकर शेष मजदूरी का बंदरबाँट करते हैं जिसकी लड़ाई जारी है! का हरगोविंद सिंह, का. विनोद सिंह.का. विकास जैन, का.सजल मित्रा ने भी अपने सम्बोधन में कहा कि काफी समय से आवास आवंटन की बैठक बंद है, कर्मचारी कर्मचारियों को आवास आवंटन नहीं हो रहे हैं, वर्दी और यूनिफॉर्म की पात्रता वाले कर्मचारियों को ड्रेस नहीं मिल रहे हैं, मैनपॉवर बजट के अनुसार पदोन्नति नहीं हो रही है, रेस्क्यू विभाग के कर्मचारी जो आपात स्थिति में रहने के बाद भी संडे और पीएच नहीं दिया जाता है. सेवानिवृत कर्मचारियों को उनके बकाया फंड का भुगतान नहीं हो पाया है आदि कई मांगों को लेकर आने वाले समय में खदान बंद भी किया जाएगा.. धरना प्रदर्शन के बाद प्रबंधन के अधिकारीयों को ज्ञापन लेने आने में काफी विलम्ब होने पर सभी कर्मचारी-ठेका मजदूर महाप्रबंधक कार्यालय के कैंपस में प्रवेश कर क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक चारुचंद्र नायक को ज्ञापन देकर आगाह किया गया कि जल्द सभी मांगों का निराकरण किया जाये अन्यथा आने देने आने वाले दिनों में आंदोलन का विस्तार होगा और खदानों को बंद भी किया जाएगा…आज के रैली एवं धरना प्रदर्शन आंदोलन में बिश्रामपुर क्षेत्र के करीब 400 कर्मचारी ठेका मजदूरों ने हिस्सा लिया…

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