बिजली दर में वृद्धि वापस ले सरकार

बिजली दर में वृद्धि वापस ले सरकार

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सरकार के हठधर्मिता के चलते इस्पात फैक्ट्रीयों में तालाबंदी,रोजगार संकट उतपन्न

निजी बिजली कंपनी को फायदा पहुंचाने सरकार आम लोगों की आवाज को अनसुना कर रही

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रायपुर//प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार की हठधर्मिता के चलते प्रदेश के 650 से अधिक इस्पात निर्माता कंपनियों में तालाबंदी की नौबत आ गई है। उद्योगपति लगातार राज्य सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग कर रहे हैं उनकी मांग जायज है बिजली दर में वृद्धि से उत्पादन लागत बढा है स्टील सीमेंट और अन्य सामग्रियों के कीमतों में वृद्धि हुई है जिसका सीधा-सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। बिजली दर में वृद्धि से 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं का बजट बिगड गया हैं।छोटे मंझोले उद्योग, ईट निर्माता, फेब्रिकेशन वर्क, अलमारी पलंग, स्टील बर्तन, प्लास्टिक फर्नीचर एवं बाल्टी, मग, जार, तालपत्रि,मसाला उद्योग,छोटे छोटे कुटीर उद्योग,सहित अन्य प्रकार निर्माण कार्य में लगे लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार निजी बिजली निर्माता कम्पनी को फायदा पहुंचाने की सोच से बाहर निकले आमजनता की परेशानी को समझे और बिजली दर में की गईं वृद्धि को तत्काल वापस ले।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा बिजली के दरों में वृद्धि समझ से परे है। बिजली उत्पादन में लगने वाली कोयला पानी और मेन पावर प्रदेश का है और प्रदेश के लोगों को ही महंगे दरों पर बिजली खरीदना पड़ रहा हैं।महंगी बिजली के चलते इस्पात फैक्ट्री के बंद होने से गंभीर रोजगार संकट उत्पन्न होंगा। वैसे भी यह सरकार लोगों को रोजगार देने में अब तक असफल साबित हुई है हर तरफ महंगाई की मार है
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश के 44 लाख अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर बिजली मिलती थी उसमें भी बिजली बिल हाफ योजना का अतिरिक्त लाभ मिलता था। 5 साल में हर परिवार का 40 से 50हजार तक की बचत हुई है। प्रदेश में लगभग 23 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थीं। लगभग 5 लाख किसानों को निशुल्क सिंचाई के लिए बिजली की आपूर्ति होती थी बीपीएल उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली मिलता था फैक्ट्री को भी रियायत दर में बिजली की आपूर्ति की जाती थी भाजपा की सरकार बनने के बाद बिजली कटौती आम बात हो गई है बिजली तो आती नहीं है लेकिन मनमाना बिजली का बिल लोगों को मिल रहा है।