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सेलेगांव में आयोजित शिविर में 08 हितग्राहियों को वितरित किए गए नामांतरित पट्टे

सेलेगांव में आयोजित शिविर में 08 हितग्राहियों को वितरित किए गए नामांतरित पट्टे

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उत्तर बस्तर कांकेर/ कलेक्टर नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम सेलेगांव में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में वन अधिकार मान्यता अधिनियम के नवीन संशोधित नियम के तहत् आठ हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र का फौती नामांतरण कर उन्हें ऋण पुस्तिका प्रदान की। एफआरए के नवीन संशोधित नियम के तहत् जिले में यह प्रकरण है, जिसमें वन अधिकार पट्टाधारक के मृत हो जाने पर उनके वारिसान के नाम पर नामांतरण एवं अभिलेख दुरूस्तीकरण कर उन्हें पट्टे वितरित किए गए।
ग्राम सेलेगांव में आयोजित शिविर में आज कलेक्टर ने ग्राम कोरर निवासी मृतक गोवर्धन की पत्नी श्रीमती फूलकुंवर को एफआरए पट्टे का नामांतरण राजस्व विभाग द्वारा किया जाकर उन्हें अभिलेख की प्रतिलिपि सौंपी। इसी तरह ग्राम कुर्री निवासी गज्जूराम की मृत्यु हो जाने पर उनकी पुत्री श्रीमती फूलबती एवं स्व. अंकालूराम की पत्नी तुलसोबाई को, ग्राम बैजनपुरी निवासी स्व. अंकालूराम की पत्नी श्रीमती बनवासा, ग्राम दाबकट्टा के स्व. दुबकाराम की पत्नी श्रीमती लगनीबाई को, ग्राम बयानार के स्व. संजय की पत्नी श्रीमती सतायबाई को तथा ग्राम कनेचूर के स्व. सुकलाल के पुत्र श्री बिसम्भर और ग्राम भैंसाकन्हार के स्व. कार्तिकराम के पुत्र राजेन्द्र कुमार को नामांतरित वन अधिकार पट्टा वितरित किए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमंत ध्रुव, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. सुमित अग्रवाल, एसडीएम भानुप्रतापपुर सुश्री आस्था राजपूत, तहसीलदार सुरेन्द्र उर्वशा और नायब तहसीलदार अभिषेक देवांगन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर उनके विधिक वारिसानों के नाम वन अधिकार हस्तांतरण संबंधी प्रावधान का उल्लेख वन अधिकार अधिनियम, 2006 नियम 2007 एवं संशोधित नियम 2012 में नहीं है, जिसके कारण वंशजों को वन अधिकारों के हस्तांतरण आदि में समस्या आ रही थी। वर्तमान में व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र धारकों की मृत्यु होने के कारण उनके वारिसान के नाम पर भूमि का हस्तांरित करने तथा भविष्य में समय-समय पर वारिसानों को भूमि हस्तांतरण किये जाने की आवश्यकता को देखते हुए आदिम जाति विकास विभाग द्वारा नवीन राजपत्र जारी कर वन अधिकार पत्र धारकों के प्रकरणों में भूमि संबंधित बंटवारा, अभिलेख में त्रुटि सुधार, सीमांकन, अपील, इत्यादि का प्रावधान कर प्रक्रिया को सरलीकृत किया गया है। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने जिले के ऐसे हितग्राहियों को संशोधित नियमावली के तहत् आवेदन करने की अपील की है, ताकि वन पट्टाधारक की मृत्यु हो जाने पर उनके वारिसों के नाम पर नामांतरण की कार्यवाही सुगमता से की जा सके।

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