सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में किया जा रहा है सोनोग्राफी सुविधा का सफलतापूर्वक संचालन

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में किया जा रहा है सोनोग्राफी सुविधा का सफलतापूर्वक संचालन

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

-85 हितग्राहियों को सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना के अंतर्गत निशुल्क सोनोग्राफी सेवा की जा चुकी है प्रदान

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

सूरजपुर// कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा के मार्गदर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (भैयाथान, ओड़गी, प्रतापपुर, रामानुजनगर) में गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी की सुविधा का सफलतापूर्वक संचालन की जा रही है। इस तारतम्य में आज सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना के अंतर्गत सभी चिन्हिांकित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो में कुल 85 हितग्राहियों का निशुल्क सोनोग्राफी सेवा प्रदान की गई। शासकीय संस्थानों में सोनोग्राफी की सुविधा प्रारंभ होने से मातृ-मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा उच्च जोखिम गर्भवती एवं गर्भस्थ शिशु में जन्मजात विकृति की पहचान करने में कारगर साबित हो रही है ताकि संबंधित मरीजों को समय पर उपचार प्रदान की जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सोनोग्राफी की सुविधा होने से दूरस्थ अंचल में रहने वाले गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा में बडी राहत है। इससे मातृ-मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आयेगी, साथ ही साथ समय एवं आर्थिक हानि होने से भी उनको बचाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैयाथान में 37, ओड़गी में 26 एवं रामानुजनगर में 22 (कुल 85) गर्भवती माताओं का सोनोग्राफी किया गया। दूरस्थ अंचलों में सोनोग्राफी की सुविधा प्रारंभ होने से जिले के समस्त लोगों में हर्ष व्याप्त है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा ने जिले के समस्त लोगों से अपील किया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी की सुविधा का प्रत्येक माह के 09 एवं 24 तारीख को संबंधित स्वास्थ्य केन्द्र में उपस्थित होकर अधिक से अधिक गर्भवती माताएं इस सुविधा का लाभ ले सकते है। आज के सोनोग्राफी की सुविधा के लिए डॉ. प्राची जायसवाल, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. स्वपनिल चोपड़े, डॉ. खेम ज्योती जायसवाल डॉ. दीपक जायसवाल, नसीम खान एवं स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी व कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा है।