
Chaitanya Baghel Release: बेटे के जन्मदिन पर मिली जमानत, जेल के बाहर उमड़ा जनसैलाब
Chaitanya Baghel News: शराब घोटाले से जुड़े मामलों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए। रिहाई पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह।
रायपुर: 168 दिन बाद जेल से रिहा हुए चैतन्य बघेल, कांग्रेस में जश्न का माहौल
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से जुड़े मामलों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद आज रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW से जुड़े मामलों में जमानत मिलने के बाद कांग्रेस खेमे में इसे न्याय और सत्य की जीत बताया जा रहा है।
लगभग 168 दिनों तक जेल में रहने के बाद हुई इस रिहाई के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है।
चरणदास महंत पहुंचे जेल, सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत रिहाई के बाद सेंट्रल जेल पहुंचे और चैतन्य बघेल से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान की तस्वीरें उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा कीं।
फेसबुक पोस्ट में चरणदास महंत ने लिखा—
“सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।”
उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा कि षड्यंत्रों के बादल अब छंट चुके हैं और न्याय का सूरज निकल आया है।
बेटे के जन्मदिन पर मिली रिहाई
गौरतलब है कि 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ED ने भिलाई स्थित निवास से PMLA, 2002 के तहत गिरफ्तार किया था।
आज उनके पुत्र विवांश का जन्मदिन है और इसी अवसर पर हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई, जिसे कांग्रेस नेताओं ने भावनात्मक क्षण बताया।
भूपेश बघेल निवास पर जुटे नेता-कार्यकर्ता
रिहाई से पहले ही रायपुर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जुट गए थे। जैसे ही जेल से बाहर आने की पुष्टि हुई, समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
जेल के बाहर हुआ भव्य स्वागत
जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और नारों के साथ चैतन्य बघेल का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जेल परिसर में मौजूद रहे।
राजनीतिक द्वेष का आरोप
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि वे और उनका दल इस संघर्ष में लगातार साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष और दुर्भावना से प्रेरित था, लेकिन अंततः सच्चाई सामने आई और न्याय की जीत हुई। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।











