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स्कूलों और आंगनबाड़ी में खाना पकाने के लिए गैस सिलेण्डर वितरण !

स्कूलों और आंगनबाड़ी में खाना पकाने के लिए गैस सिलेण्डर वितरण!

कोरबा // जिले के स्कूलों, आश्रमों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी लकड़ी से बनाए गए चूल्हे पर खाना पकाया जाता है, जिससे निकलने वाले धुंए से संस्था में काम करने वाली माताओं, बहनों और पढ़ने वाले बच्चों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है। 4900 संस्थाओं को जिला खनिज संस्थान न्यास मद से घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन देकर धुआंमुक्त किया जा रहा है, जो इस समस्या को हल करता है। अब बच्चों को इन संस्थाओं में आसानी से भोजन और नाश्ता मिल सकेगा। यह बातें जिला उद्योग, वाणिज्य, व्यापार एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शालाओं, आंगनबाड़ी, आश्रम छात्रावासों को गैस वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला उद्योग, वाणिज्य, व्यापार एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कही।

मंत्री देवांगन ने कहा कि संस्थाओं में लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना पकाने के लिए बड़ी मात्रा में पेड़ भी काटे जाते हैं। जिससे पर्यावरण असंतुलन हो सकता है। घरेलू गैस कनेक्शन से संस्थागत माताओं बहनों का खाना पकाना आसान होगा और उनका स्वास्थ्य भी सुधरेगा। उनका कहना था कि जिला खनिज संस्थान न्यास मद से जिले के संस्थाओं को खाना बनाते समय चूल्हे से निकलने वाले धुंए से छुटकारा मिलेगा।

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इससे आगे कुछ अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि डीएमएफ मद से संस्थाओं को घरेलू गैस कनेक्शन की राशि दी जाती है। इसके अलावा, डीएमएफ मद से गैस रिफिलिंग पर खर्च की राशि भी दी जाएगी। मंत्री देवांगन ने इस अवसर पर शासकीय बालक विद्यालय कोरबा के वैभव लक्ष्मी महिला स्वसहायता समूह, शासकीय साडा कन्या विद्यालय के जागृति महिला स्वसहायता समूह, शासकीय प्राथमिक शाला अंधरी कछार के जय अम्बे महिला स्वसहायता समूह और शासकीय विद्यालय मुड़ापार के अंजनीपुत्र स्वसहायता समूह को गैस सिलेण्डर प्रदान किए. वे मध्यान्ह घरेलू एलपीजी प्रीमैट्रिक बालक अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास नोनबिर्रा पाली, आंगनबाड़ी में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली श्रीमती रथबाई, कुसुमबाई बुधवारी, ज्योतिकपल मुड़ापार

कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि संस्थागत कर्मचारियों, बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने और पर्यावरण को बचाने के लिए स्कूलों, आश्रमों, छात्रवासों और आंगनबाड़ी में लकड़ी से खाना बनाने से बचने के लिए घरेलू गैस कनेक्शन की योजनाएं शुरू की जा रही हैं। उनका कहना था कि आश्रम छात्रावासों में भोजन की पचास प्रतिशत राशि सरकार से दी जाती है। इसके साथ ही डीएमएफ मद से शेष पचास प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।

उनका कहना था कि जिले के 2100 स्कूलों में 1.5 करोड़ रुपये की घरेलू एलपीजी गैस कनेक्शन दी जा रही हैं; महिला बाल विकास विभाग ने 2600 आंगनबाड़ी केंद्रों में 2 करोड़ रुपये और आदिम जाति कल्याण विभाग ने 200 छात्रावास आश्रमों में 13 लाख रुपये दिए हैं। डीएमएफ मद से प्रदान की गई राशि से संस्थाओं को घरेलू गैस कनेक्शन देने पर लगभग 03 करोड़ 63 लाख रुपये खर्च होंगे।

शिक्षा विभाग को गैस रिफलिंग के लिए चार करोड़ रुपये प्रति वर्ष, महिला एवं बाल विकास विभाग को दो करोड़ रुपये और आदिम जाति विकास विभाग को एक करोड़ रुपये कुल राशि 7.5 करोड़ रूपए व्यय होंगे। व्यय राशि का भुगतान डीएमएफ मद से किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अपर कलेक्टर दिनेश नाग और स्वसहायता समूह की महिलाएं कार्यक्रम में उपस्थित थीं।

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