बाल विवाह और बाल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम !

बाल विवाह और बाल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम !

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स्वामी आत्मानंद माध्यमिक विद्यालय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जयनगर और एसएचजी समूह महिलाओं के साथ बाल विवाह और बाल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम किया गया आयोजित

सूरजपुर/ स्वामी आत्मानंद माध्यमिक स्कूल जयनगर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जयनगर, एसएचजी समूह की बैठक शिवनंदपुर में यूनिसेफ़ और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह और बाल संरक्षण के महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों को और समूह की महिलाओं को बाल विवाह की हानियों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी, श्री मनोज जयसवाल ने विद्यार्थियों को बताया कि को बच्चों के संरक्षण के क्षेत्र में काम करने का आह्वान किया,बच्चे ही कल के भविष्य हैं, ये सुरक्षित हैं तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित है, पॉक्सो एक्ट में बच्चों को लैंगिक अपराध से बचाने के लिए प्रावधान दिये गये हैं, बच्चों को गलत तरीके से घूरना,पीछा करना,रास्ता रोकना, ग़लत चित्र दिखाना, गलत तरीके से छुना भी अपराध है, गुड टच बैड टच के बारे भी विस्तृत जानकारी दी गई, बच्चो को मानव तस्करी के बारे में बच्चो को जानकारी दी गई इसमें गावों से दलालों के द्वारा बच्चो को काम के बहाने एक शहर से दूसरे शहर और राज्यो में बच्चो ले जा कर उनका शोषण किए जाता है, बच्चो को काम के अलावा अपने पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया। सोशल मीडिया के उपयोग कितना करना है सोशल मीडिया माध्यम से होने वाले साइबर क्राइम से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी।इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए इसके बारे जानकारी दी गई , घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के बारे जानकारी दी गई ,जेजे एक्ट में बच्चों को नशे से बचाने के लिए नए प्रावधान दिये गये हैं जिसमें यदि कोई बच्चे को नशा कराता है या नशे का समान बेचता है उसे एक लाख रुपये जुर्माना व दो वर्ष के सजा का प्रावधान है, चुप्पी तोड़ो गतिविधिय से बच्चो को बोलने के लिये प्रेरित किया गया। जायसवाल जी ने चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098,181,112 के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी, साइबर क्राइम और नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह मुक्त सूरजपुर ज़िला बनाने के लिए शपथ भी ली।

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यूनिसेफ़ के ज़िला समन्वयक श्री प्रथमेश मानेकर ने एसएचजी समूह की महिलाओं के साथ बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ महिलाओं को सशक्त बनाना और जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में बाल विवाह की परिभाषा, इसके कारण, नकारात्मक प्रभाव और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की इसके साथ भी शाला त्यागी बच्चों, बच्चों की सही परवरिश (गुड पैरेंटिंग), बच्चों के अधिकार और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं को बाल विवाह रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की प्रेरणा दी। चाइल्ड लाइन से श्री रमेश जी ने चाइल्ड लाइन की सेवाओं के बारे में जानकारी दी और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 100 (पुलिस हेल्पलाइन) जैसी टोल-फ्री सेवाओं की जानकारी साझा की।

स्वास्थ्य विभाग से चंद्रजीत सिंह संभागीय समन्वयक द्वारा एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एनीमिया, टेबलेट, सुपोषित और आयरन युक्त आहार, गतिविधि के माध्यम से बच्चो हाथ धोने के बारे में बताया गया।

इस कार्यक्रम में ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जयसवाल, यूनिसेफ़ के ज़िला समन्वयक प्रथमेश मानेकर, प्राचार्य श्रीमती कलिस्ता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जयनगर, प्राचार्य वीरेंद्र जायसवाल आत्मानंद स्कूल जयनगर, चाईल्ड हेल्पलाईन से कार्तिक मजुमदार परियोजना समन्वयक, शीतल सिंह परामर्शदाता, रमेश साहू टीम मेंबर, जिला बाल संरक्षण इकाई से सामाजिक कार्यकर्ता अंजनी साहू, आउट टीचर पवन दीवार, स्वास्थ्य विभाग से चंद्रजीत सिंह संभागीय समन्वयक, एनआरएलएम से पीआरपी संदीप गुजर सहित शिवनदंपुर क्लस्टर से समूह की महिलाएँ और विद्यालय के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।