महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण कार्य में मिला कई पुरस्कार

महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण कार्य में मिला कई पुरस्कार

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जगदलपुर/ बस्तर वनमण्डल जगदलपुर के अंतर्गत संचालित भारत सरकार की वनधन योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण कार्य किया जा रहा है। बस्तर वनमण्डल में 10 वनधन केन्द्र, 49 हाट-बाजार केन्द्र तथा 138 ग्राम स्तर के संग्रहण केन्द्र संचालित है। वनधन योजना में कुल 197 स्व-सहायता समूह एवं लगभग 9228 स्व-सहायता समूहों के महिला हितग्राही संलग्न है, विगत 03 वर्षों में 15 प्राथमिक वनेापज सहकारी समिति के माध्यम स्व-सहायता समूहों द्वारा लघु वनोपजों का संग्रहण 680272 क्विंटल राशि 45 करोड़ 16 लाख 12 हजार रूपए का किया जाकर 1480102 मानव दिवस सृजित किया गया है।
स्व-सहायता समूहों द्वारा प्राथमिक प्रसंस्करण एवं इमली डिसीडिंग (फोड़ाई) कार्य पर स्व-सहायता समूहों को कुल 3 करोड़ 92 लाख 72 हजार रूपए राशि प्रदाय किया गया है एवं 06 प्रसंस्करण केन्द्रांे (काजू, इमली चपाती, इमली कैण्डी, मसाला-नमकीन काजू, तैलीय बीज एवं वनौषधि प्रसंस्करण केन्द्र) द्वारा कुल 6952.19 क्विंटल वनोपज का प्रसंस्करण कर 43531 मानव दिवस सृजित कर हितग्राहियों को राशि एक करोड़ 31 लाख 86 हजार रूपए भुगतान किया गया है। वनधन केन्द्रों के स्व-सहायता समूहों द्वारा किये गये कार्यों के फलस्वरूप अंतराष्ट्रीय स्तरीय ग्रीड अवार्ड सिंगापुर (काजू प्रसंस्करण केन्द्र) एवं राष्ट्रीय स्तर पृथ्वी अवार्ड (इमली संग्रहण, प्रसंस्करण में उत्कृष्ट कार्य) व अन्य वनधन केन्द्रों को राज्य स्तरीय उत्कृष्ट वनधन केंद्र अवार्ड से सम्मानित किया गया है।