छत्तीसगढ़ में लगभग 3 लाख पंजीकृत किसान अपना धान नहीं बेच पाए

छत्तीसगढ़ में लगभग 3 लाख पंजीकृत किसान अपना धान नहीं बेच पाए

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

टोकन, बदइंतजामी और बारदानों की किल्लत के कारण लगभग तीन लाख पंजीकृत किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं।

धान खरीदी सरकार के द्वारा ही निर्धारित लक्ष्य से लगभग 15 लाख मैट्रिक टन कम की हुई है।

रायपुर/01फरवरी 2025/राज्य सरकार द्वारा 31जनवरी 2025 को शाम 6.45 बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस खरीफ सीजन में भी छत्तीसगढ़ में 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। अब तक, राज्य में पंजीकृत 25 लाख 49 हजार किसानों ने धान बेचा है। किसानों ने धान खरीदने के बदले बैंक लिंकिंग प्रणाली के तहत ३१ हजार ९९ करोड़ रुपये पाए हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था।

छत्तीसगढ़ में लगभग 3 लाख पंजीकृत किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं, इसलिए धान खरीदने की तिथि को पंद्रह दिन बढ़ाने की मांग की गई है। सरकार ने अब तक लगभग 15 लाख मैट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य कम किया है। धान खरीदी की गति बहुत धीमी हो गई क्योंकि टोकन और बारदानों की कमी, परिवहन की कमी और संग्रहण केंद्रों में बफर लिमिट से अधिक धान के जाम हो गए। राज्य में लाखों किसानों ने अपना धान बेच नहीं पाया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

छत्तीसगढ़ के किसानों ने सरकार की अपेक्षा पहली बार अपनी फसल बेचने के लिए इतनी परेशानियों का सामना किया है। बारदाना से टोकन तक, पूरी प्रणाली निरंतर बाधित होती रही। मिलिंग और समय पर परिवहन में बहुत लापरवाही की गई, साय सरकार ने भी पूर्ववर्ती सरकार का 72 घंटे के भीतर धान संग्रहण केंद्रों से उठाने का नियम बदला। प्रदेश के लाखों किसान अब तक अपना धान बेचने से वंचित रहे हैं क्योंकि भाजपा सरकार ने कुछ नहीं किया है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार के अनिर्णय की स्थिति से प्रदेश के किसान चिंतित हैं। धान खरीदी की अंतिम तिथि आज समाप्त हो चुकी है, लाखों किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं लेकिन यह सरकार तिथि बढ़ाने के संदर्भ में अब तक मौन है। भाजपा के लिए धान और किसान केवल चुनावी लाभ के लिए ही जरूरी है। भाजपा के चुनावी वादे के अनुरूप किसी किसान को 3100 रू. एकमुश्त नहीं मिला। किसी भी ग्राम पंचायत में भुगतान केंद्र नहीं खुला और अब लक्ष्य पूरा नहीं होने के बावजूद धान खरीदी बंद करना अन्नदाताओं के प्रति अन्याय है। सरकार धान खरीदी की तिथि कम से कम 15 दिन बढ़ाने की घोषणा करें।

इस खरीफ वर्ष राज्य सरकार ने 27.78 लाख किसानों को पंजीकृत किया है। 1.59 लाख नए कृषक इसमें शामिल हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि धान खरीदा जा रहा है और कस्टम मीलिंग के लिए तेजी से उठाया जा रहा है। 121 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ अभी तक जारी किए गए हैं। 100 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हुआ है।