
राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, “सेवा शिखर” पत्रिका का हुआ विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात: “सेवा शिखर” पत्रिका का हुआ विमोचन
रायपुर, 23 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संघ की पत्रिका “सेवा शिखर” के प्रथम संस्करण का विधिवत विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की भूमिका को शासन का “मजबूत स्तंभ” बताते हुए उनकी निष्ठा, समर्पण और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और शासन की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का दायित्व प्रशासनिक अधिकारियों पर होता है। उनके कार्यों से ही सरकार की योजनाएँ जमीनी स्तर पर सफल होती हैं और लोगों को इनका वास्तविक लाभ मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को “सेवा भावना, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व” के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएँ और विकास कार्यक्रम तभी सार्थक होंगे, जब उनका लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा। इस कार्य में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अहम है। वे सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं और शासन की नीतियों को धरातल पर उतारते हैं।”
मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि “आपका परिश्रम और ईमानदारी ही जनता को सरकार पर विश्वास दिलाती है।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “सेवा शिखर” पत्रिका के प्रथम संस्करण के प्रकाशन पर हर्ष व्यक्त किया और इसे राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक “सार्थक मंच” बताया। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका अधिकारियों को अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे एक जीवंत और संवादपूर्ण प्रशासनिक वातावरण का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सेवा शिखर न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों का संकलन होगा, बल्कि यह नए अधिकारियों के लिए मार्गदर्शन का भी कार्य करेगा। इससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और एक पारदर्शी व्यवस्था विकसित होगी।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पत्रिका प्रशासनिक अधिकारियों के लिए “शिक्षा और प्रेरणा का स्रोत” बनेगी और इससे प्रशासनिक व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पत्रिका के संपादकीय दल और राज्य प्रशासनिक सेवा संघ को इस पहल के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी न केवल शासन की योजनाओं को लागू करने में सहायक हैं, बल्कि वे “समाज सुधार और जनसेवा” में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ करें।
उन्होंने कहा, “एक प्रशासनिक अधिकारी का दायित्व केवल योजनाओं को लागू करना नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं को समझकर उनके समाधान हेतु कार्य करना भी है। आपकी संवेदनशीलता और तत्परता ही आपको एक सफल प्रशासक बनाती है।”
इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, उपाध्यक्ष उमाशंकर बंदे, कोषाध्यक्ष नवीन भगत, सेवा शिखर पत्रिका के संपादक डॉ. अभिनव मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इनमें अपूर्व प्रियेश टोप्पो, नंद कुमार चौबे, अर्चना पाण्डेय, दिव्या वैष्णव, बृजेश क्षत्रिय, डॉ. सुभाष राज, डॉ. धनंजय कुमार नेताम एवं घनश्याम कँवर भी सम्मिलित थे।
संघ के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा संघ सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि “सेवा शिखर” पत्रिका का उद्देश्य प्रशासनिक अनुभवों को साझा कर प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत बनाना है।
बैठक के दौरान राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की। संघ के पदाधिकारियों ने अपनी कुछ महत्वपूर्ण मांगों को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिसमें सेवा शर्तों में सुधार, पदोन्नति प्रक्रिया को सुगम बनाने और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की बात प्रमुख रूप से शामिल थी।
मुख्यमंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हितों और विकास के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए सरकार संघ के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संदेश दिया कि “एक अच्छा प्रशासनिक अधिकारी वही होता है, जो जनता की समस्याओं को समझता है और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करता है।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार “जनसेवा को सर्वोपरि” मानकर कार्य कर रही है और इसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “सरकार की योजनाओं का सही क्रियान्वयन तभी संभव है, जब अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएँ।” उन्होंने अधिकारियों को “स्वच्छ, पारदर्शी और जनहितैषी प्रशासन” देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल की यह बैठक सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मजबूत समन्वय और संवाद को दर्शाती है।
1. “सेवा शिखर” पत्रिका का विमोचन प्रशासनिक अधिकारियों के विचारों और अनुभवों को साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
2. मुख्यमंत्री की प्रशंसा और संदेश अधिकारियों को उनकी निष्ठा और समर्पण के लिए प्रोत्साहित करने वाला रहा।
3. राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की सक्रिय भूमिका प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्यरत है।
छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में इस प्रकार की सकारात्मक पहल शासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगी और प्रदेश के विकास को गति देगी।










