दौसा जेल से सीएम को धमकी – सुरक्षा में सेंध, तीन अधिकारी निलंबित!

दौसा जेल से सीएम को धमकी – सुरक्षा में सेंध, तीन अधिकारी निलंबित!

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राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक बार फिर दौसा सेंट्रल जेल से जान से मारने की धमकी मिली। यह घटना 28 जुलाई को घटी जब जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम को देर रात 2:30 बजे और फिर सुबह 6:00 बजे दो धमकी भरे कॉल आए। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कॉल दौसा जेल से किया गया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जेल में छापेमारी की गई।

धमकी देने वाले आरोपी की पहचान नीमो के रूप में हुई है, जो दार्जिलिंग का निवासी है और बलात्कार के आरोप में सजा काट रहा है। वह पहले जयपुर सेंट्रल जेल में था लेकिन अप्रैल में उसे दौसा जेल ट्रांसफर कर दिया गया था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया है और अब जयपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।

जांच के दौरान दौसा जेल में बड़े पैमाने पर लापरवाही उजागर हुई। जेल परिसर से 10 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें से कुछ जमीन में गड़े हुए थे। सुरक्षा में इस गंभीर चूक के कारण जेल अधीक्षक कैलाश शर्मा, जेलर बिहारी लाल और हेड वार्डर अवधेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। DIG मोनिका अग्रवाल ने यह कार्रवाई की।

सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

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मुख्यमंत्री को धमकी के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ के नेतृत्व में जांच जारी है। जेल प्रशासन से यह भी पूछा जा रहा है कि कैसे कैदी तक मोबाइल पहुंचा और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मुख्यमंत्री को यह धमकी छह महीनों में दूसरी बार मिली है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं, और राज्य की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती की मांग की है।

मुख्यमंत्री को जेल से मिली धमकी न सिर्फ गंभीर सुरक्षा चूक को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जेल में बंद अपराधी कैसे बाहर की दुनिया से संपर्क बनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा की गई छापेमारी और अधिकारियों के निलंबन के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है?

यह मामला राजस्थान की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक चूक पर बहस का विषय बन गया है, जिसका असर राजनीति और प्रशासन दोनों पर पड़ेगा।