
अम्बिकापुर: 18 शासकीय तालाबों का मत्स्य पालन हेतु आबंटन, 10 साल के लिए मिला पट्टा
सरगुजा जिले के 5 विकासखण्डों में 11.321 हेक्टेयर जल क्षेत्र का मत्स्य पालन हेतु आबंटन। महिला समूहों और मत्स्य पालकों को 10 वर्ष के लिए मिला पट्टा, शासन की योजनाओं का मिलेगा लाभ।
सरगुजा: 18 शासकीय तालाबों में मत्स्य पालन के लिए पट्टा आबंटित, आत्मनिर्भर बनेंगे ग्रामीण और महिला समूह
अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन की मछली पालन नीति के तहत सरगुजा जिले के विभिन्न विकासखण्डों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मत्स्य पालन विभाग के उप संचालक के अनुसार, जिले के सीतापुर, लुण्ड्रा, मैनपाट, उदयपुर तथा अम्बिकापुर विकासखण्ड के कुल 18 शासकीय ग्रामीण तालाबों का पट्टा आबंटित किया गया है।
कुल 11.321 हेक्टेयर जल क्षेत्र में फैले इन तालाबों को ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव और विभाग की अनुशंसा पर मत्स्य पालकों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को 10 वर्ष के लिए सौंपा गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।
इन योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
पट्टा धारक विभाग की निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे:
- जाल एवं आईस बाक्स प्रदाय योजना।
- मछुआरों के लिए निःशुल्क दुर्घटना बीमा।
- उन्नत मत्स्य पालन के लिए विशेष प्रशिक्षण।
- 50 प्रतिशत अनुदान पर फिंगरलिंग मत्स्य बीज की उपलब्धता।
- अन्य विभागीय अनुदान एवं तकनीकी सहायता।
इन सुविधाओं और आबंटित जल क्षेत्र के माध्यम से पट्टा धारक अब वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।












