‘महतारी वंदन योजना’ ने संजोए बेटी के सपने: सुकन्या समृद्धि खाते में बचत कर गृहिणी भगमन मरकाम रख रहीं उज्ज्वल भविष्य की नींव
बलरामपुर: हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बने। इसी सपने को साकार करने में केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना और राज्य की महतारी वंदन योजना का समन्वित लाभ कई परिवारों के लिए आशा का नया माध्यम बन रहा है। बलरामपुर जिले के ग्राम भैरवपुर की एक साधारण गृहिणी ने इस तालमेल से अपनी बेटी का भविष्य सुरक्षित करने की मिसाल पेश की है।
बलरामपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम भैरवपुर निवासी भगमन मरकाम ने अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना खाता खुलवाया। एक साधारण गृहिणी होने के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी बेटी के सपनों को कभी ओझल नहीं होने दिया।
चुनौतियों के बीच महतारी वंदन योजना बनी सहारा
वे बताती हैं कि शुरुआती दिनों में घर की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही चुनौती बन जाता था, ऐसे में नियमित बचत कर पाना आसान नहीं था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें संबल दिया। उन्होंने इस राशि का कुछ अंश अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित करने की योजना बनाई। धीरे-धीरे छोटी-छोटी बचत वे नियमित रूप से सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं।
“आज भले ही बचत की राशि छोटी हो, लेकिन यही छोटी कोशिश आगे चलकर मेरी बेटी के बड़े सपनों को पूरा करेगी। मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और जीवन में आत्मनिर्भर बने। शासन की इन योजनाओं ने हमें सिर्फ आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि बेटी के सपनों को संजोने का आत्मविश्वास भी दिया है।”
– भगमन मरकाम, हितग्राही (ग्राम भैरवपुर)
अब भगमन मरकाम अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सरकारी योजनाओं के इस प्रभावी एकीकरण (Convergence) ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं के वित्तीय संरक्षण को एक नया आयाम दिया है। इसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।






