Advertisement

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: चोटिल कंधे के साथ पूनम ऑरन ने जीता गोल्ड, हौसले की मिसाल बनी झारखंड की शेरनी








दर्द को मात देकर पूनम ने रचा इतिहास: चोटिल कंधे के साथ मैट पर उतरीं और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता ‘गोल्ड’

अम्बिकापुर, 31 मार्च 2026 | खेल डेस्क: प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क

अम्बिकापुर: कुश्ती जैसे खेल में जहाँ फिटनेस और ताकत सबसे बड़ी जरूरत होती है, वहां चोटिल कंधे के साथ मैट पर उतरना अपने आप में बड़ा जोखिम है। लेकिन झारखंड की 19 वर्षीय पहलवान पूनम ऑरन ने इस जोखिम को चुनौती में बदला और पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

फाइनल मुकाबले में पूनम बाएं कंधे पर पट्टी बांधकर उतरीं। हर मूव के साथ उनका दर्द साफ नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। महिलाओं की 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में पूनम ने तेलंगाना की के. गीता को हराकर स्वर्णिम सफलता हासिल की।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

“हार कैसे मान लेती सर? जब नौ साल से हार नहीं मानी, तो अब कैसे मान लेती। नौ साल तक गोल्ड न जीत पाने के दर्द के मुकाबले यह चोट कुछ भी नहीं है।” – पूनम ऑरन

9 साल का लंबा इंतजार और संघर्ष

झारखंड के चतरा जिले के सुइयाबार गांव की रहने वाली पूनम के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी है। साल 2017 में कुश्ती शुरू करने के बाद ही उन्हें गंभीर चोट लगी, जिसने उन्हें एक साल तक मैट से दूर रखा। उन्होंने 2018 और 2019 में SGFI में कांस्य पदक जीते, लेकिन स्वर्ण का इंतजार 6 साल लंबा चला।

पढ़ाई और खेल का संतुलन

ऑरन समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पूनम न केवल मैट पर माहिर हैं, बल्कि पढ़ाई में भी अव्वल हैं। वह वर्तमान में रांची यूनिवर्सिटी से बीए (पॉलिटिकल साइंस) की पढ़ाई कर रही हैं। पिछले एक दशक से रांची के हॉस्टल में रहकर अभ्यास कर रहीं पूनम का अगला लक्ष्य अब जूनियर नेशनल ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करना है।


ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM