महिला दिवस पर उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान, माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता

महिला दिवस पर उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान, माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

महासमुंद, 17 मार्च 2025: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “सशक्त महिला, सशक्त समाज” थीम पर कार्यक्रम का आयोजन शंकराचार्य भवन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. एकता लंगेह एवं श्रीमती प्रिया सिन्हा मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उन्नति को बढ़ावा देना और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करना था।

महिला सशक्तिकरण और अवसर निर्माण पर जोर

डॉ. एकता लंगेह ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को केवल अवसरों की तलाश ही नहीं करनी चाहिए, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की नारी शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही है। महिला सशक्तिकरण केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज की समग्र प्रगति का आधार होना चाहिए।

माहवारी स्वच्छता पर जागरूकता

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

उन्होंने मासिक धर्म के दौरान गंदे कपड़े के उपयोग से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिवार में ऐसा सुरक्षित माहौल बनाया जाए, जहां किशोरियाँ अपने पिता या भाई से भी माहवारी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा कर सकें। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने सेनेटरी पैड के उपयोग को बढ़ावा देने और माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की अपील की।

सम्मान और प्रेरणा

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया एवं स्वच्छता का संदेश देने हेतु सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं के उत्थान, शिक्षा और अधिकारों पर भी चर्चा की गई।

श्रीमती प्रिया सिन्हा ने महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएँ केवल परिवार और समाज की रीढ़ ही नहीं, बल्कि सशक्तिकरण और परिवर्तन की प्रतीक भी हैं। आत्मविश्वास और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए वे हर चुनौती का सामना कर सकती हैं।

कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग, अरुणा शुक्ला, स्थानीय महिला पार्षदगण, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडेय, परियोजना अधिकारी शैल नाविक, पर्यवेक्षक शीला प्रधान, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।