
नई शिक्षा नीति: संस्कार, रोजगार और भारतीयता का समन्वय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में पत्रिका 'की-नोट' कार्यक्रम में कहा कि नई शिक्षा नीति में रोजगार के साथ भारतीय संस्कारों को भी महत्व दिया गया है। जानिए उन्होंने और अन्य वक्ताओं ने क्या कहा।
नई शिक्षा नीति में शिक्षा, रोजगार और संस्कार का संतुलन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर, 20 अप्रैल 2025। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि भारत की नई शिक्षा नीति में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि रोजगार और भारतीयता के संस्कारों का समावेश भी है। वे राजधानी रायपुर के बेबीलोन कैपिटल होटल में पत्रिका समूह द्वारा आयोजित ‘की-नोट’ एड्रेस में “नए दौर की भागदौड़ में पीछे छूटते भारतीयता के संस्कार” विषय पर बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी संस्कृति और मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं, जबकि दुनिया आज हमारी परंपराओं और जीवनशैली से प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति छत्तीसगढ़ में भी लागू की गई है, जिससे शिक्षा के साथ रोजगार और जीवन-मूल्यों की शिक्षा भी मिल रही है।
उन्होंने पत्रिका समूह और चेयरमैन गुलाब कोठारी के सामाजिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे मंच जरूरी हैं जो हमारी सांस्कृतिक चेतना को जागृत करें।
कार्यक्रम में पत्रिका समूह के चेयरमैन गुलाब कोठारी ने माँ की भूमिका, भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों की महत्ता पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा ने बच्चों और अभिभावकों के बीच की दूरी बढ़ा दी है, जबकि जीवन का पोषण माँ के हाथों ही संभव है।
आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. रामकुमार काकानी ने पीढ़ियों के बीच बढ़ती खाई की चर्चा करते हुए कहा कि हमें साझा मूल्यों को पुनः स्थापित करना होगा और नई पीढ़ी को सहानुभूति तथा स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ाना होगा।
इस मौके पर कोंडागांव की युवा उद्यमी अपूर्वा त्रिपाठी, रायपुर महापौर मीनल चौबे, विधायक सुनील सोनी, पद्मश्री फुलबासन यादव, वरिष्ठ पत्रकार पंकज श्रीवास्तव सहित कई विशिष्टजन उपस्थित थे।












