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बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, शंकराचार्य जी ने भक्तों से आध्यात्मिक यात्रा का आह्वान किया

बदरीनाथ धाम में भगवान बदरीविशाल के कपाट वैशाख शुक्ल सप्तमी को खुले। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने तीर्थयात्रियों को आध्यात्मिक अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, शंकराचार्य जी बोले- तीर्थ यात्रा से मिले आध्यात्मिक आनन्द

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बदरीनाथ, उत्तराखंड।वैशाख शुक्ल सप्तमी, 4 मई 2025 को प्रातः 6 बजे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस शुभ अवसर पर उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठ के परम पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कपाट खुलने से पहले धर्माधिकारी श्री राधाकृष्ण थपलियाल जी के नेतृत्व में पंचांग पूजन सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात निर्धारित समय पर मन्दिर द्वार खोले गए और भगवान बदरीविशाल के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।

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शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि बदरीनाथ धाम की यात्रा केवल दर्शन मात्र के लिए नहीं, अपितु आत्मिक उन्नयन हेतु भी की जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यात्रा के दौरान संयम, मौन, नामस्मरण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बनाए रखें। उन्होंने कहा, “लौकिक सुख क्षणिक होता है जबकि आध्यात्मिक आनन्द जीवनभर की शांति देता है।”

अगले छह महीने तक भगवान बदरीविशाल की पूजा श्री अमरनाथ नम्बूदरी जी द्वारा की जाएगी। इस अवसर पर कई प्रमुख संत, अधिकारी व श्रद्धालु उपस्थित रहे जिनमें पूर्व रावल ईश्वरप्रसाद नम्बूदरी, स्वामी संविदानन्द गिरि, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, मन्दिर समिति के सीईओ विजय थपलियाल सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।

 

 

Ashish Sinha

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