
छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक 2025: तबादला नीति, कबीरधाम नाम परिवर्तन, कलाग्राम और होमस्टे नीति सहित 9 बड़े निर्णय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 4 जून 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में स्थानांतरण नीति, कबीरधाम और दामाखेड़ा के नाम परिवर्तन, कलाग्राम और तीरंदाजी अकादमी की स्थापना समेत 9 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
-
6 से 13 जून तक ट्रांसफर के लिए आवेदन, 25 जून के बाद स्थानांतरण प्रतिबंधित
-
दामाखेड़ा का नाम अब “कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा”
-
कवर्धा और बोड़ला की ग्राम पंचायतों के नाम बदले
-
नवा रायपुर में कलाग्राम और राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना
-
प्रधानमंत्री आवास योजना से महिला समूहों को रोजगार
-
रियल एस्टेट के लिए “किफायती जन आवास नियम 2025” को मंजूरी
-
युवाओं के लिए “छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान योजना”
-
कोच भर्ती नियमों में एक साल की छूट
-
पर्यटन को बढ़ावा देने “छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30”
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में 9 महत्वपूर्ण निर्णय, युवाओं, कर्मचारियों और आमजन को सीधा लाभ
रायपुर, 04 जून 2025 | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के प्रशासनिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास से जुड़े 9 अहम फैसले लिए गए।
सबसे बड़ा निर्णय 2025 के लिए स्थानांतरण नीति को लेकर रहा, जिसके तहत जिला व राज्य स्तर पर स्थानांतरण की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। 6 जून से 13 जून तक आवेदन लिए जाएंगे, जबकि 14 से 25 जून तक स्थानांतरण आदेश जारी होंगे। सभी आदेश ई-ऑफिस से जारी होंगे और 25 जून के बाद स्थानांतरण पर पूर्ण रोक लागू रहेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप बलौदाबाजार जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल दामाखेड़ा का नाम बदलकर कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा गदहाभाठा और चण्डालपुर ग्राम पंचायतों के नाम क्रमशः सोनपुर और चन्दनपुर किए गए।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवा रायपुर अटल नगर में कलाग्राम और राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना को मंजूरी दी गई। इन दोनों संस्थानों से न केवल कला और खेल को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को भी अवसर प्राप्त होंगे।
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम 2025 को भी मंजूरी दी, जिससे शहरी क्षेत्रों में आम लोगों को कम दरों पर भूखंड उपलब्ध हो सकेंगे। इससे अवैध प्लाटिंग पर अंकुश लगेगा और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में एक और उल्लेखनीय निर्णय छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान योजना का रहा। इसके तहत 15 से 29 वर्ष के युवाओं और संस्थाओं को उनके कार्यक्षेत्र (खेल, शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण, मीडिया आदि) में विशिष्ट योगदान के लिए हर वर्ष पुरस्कृत किया जाएगा।
खेल प्रशिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को गति देने हेतु पात्रता मापदंडों में एक वित्तीय वर्ष के लिए शिथिलीकरण किया गया है, जिससे युवाओं को अवसर प्राप्त होंगे।
साथ ही छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 को मंजूरी दी गई है, जो बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देगी और स्थानीय रोजगार सृजन में सहायक होगी।
इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं, कर्मचारियों, ग्रामीणों और शहरी गरीबों को केंद्र में रखते हुए समग्र विकास की ओर अग्रसर है।











