डॉ. कौशल और मुखिया पूनम जायसवाल को अलग-अलग अवार्ड
पलामू के लिए गर्व का क्षण! डॉ. कौशल को रांची में और डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल को छतरपुर में मिला सम्मान। जानें उनकी उपलब्धियां।
छतरपुर/पलामू (झारखंड):पलामू जिले के लिए गुरुवार का दिन गौरवशाली रहा, जब एक ही दिन पति-पत्नी को अलग-अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। पर्यावरणविद और ट्री मैन के नाम से मशहूर डॉ. कौशल किशोर जायसवाल को रांची में सम्मान मिला, वहीं उनकी धर्मपत्नी और डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल को छतरपुर में झारखंड राज्य के पंचायती राज विभाग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सर्वश्रेष्ठ विकसित पंचायत के लिए सम्मानित किया गया।
डाली पंचायत – आदर्श विकास की मिसाल
2010 से डाली पंचायत का नेतृत्व पूनम जायसवाल और उनके परिवार के हाथों में रहा है। आजादी के बाद से हुए आठ पंचायत चुनावों में छह बार उनके परिवार को नेतृत्व का अवसर मिला है। सरकारी योजनाओं और निजी योगदान के दम पर डाली पंचायत झारखंड के अव्वल पंचायतों में शामिल है।
सरकारी परियोजनाएँ (2010 के बाद):
पंचायत का पूर्ण विद्युतीकरण
शीलाल नदी पर पुल का निर्माण
हॉस्पिटल, हाई स्कूल, सामुदायिक भवन, बाजार शेड
सड़क निर्माण और आंगनबाड़ी केंद्र
पंचायत सचिवालय में लोक अदालत जैसी पहल
निजी खर्च से विकास के बड़े काम
डॉ. कौशल और उनके परिवार ने निजी खर्च पर कई उल्लेखनीय कार्य किए:
✔ 1995 से अब तक 18 किलोमीटर सड़क निर्माण
✔ 18 चापाकल की स्थापना
✔ कौशल नगर में 200×200 फीट का तालाब (10 लाख लागत)
✔ साप्ताहिक बाजार और मोहनलाल खुर्जा पार्वती देवी पार्क
✔ दुनिया का पहला पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर
✔ 147 एकड़ में कटहल बागान, औषधीय पौधे और दुर्लभ प्रजातियों के पौधारोपण
सामाजिक योगदान:
गरीब कन्याओं की शादी में सहयोग
ठंड में कंबल वितरण, बरसात में पौधे
छठ पूजा पर आम की लकड़ी, साड़ी और धोती वितरण
शिक्षा के लिए निजी खर्च पर पांच शिक्षकों की नियुक्ति
गौरव का क्षण
इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों और कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया। पूनम जायसवाल ने कहा – “सेवा कभी बेकार नहीं जाती, बस दिल लगाकर काम करना चाहिए।”












