धीरेंद्र शास्त्री की अपील: संत समाज एकजुट होकर सनातन धर्म की रक्षा करें

धीरेंद्र शास्त्री की संतों से अपील: “प्रतिस्पर्धा छोड़ें, सनातन धर्म की रक्षा में लगाएं ऊर्जा”

छतरपुर/मुंबई, 30 अगस्त 2025।
मुंबई स्थित बागेश्वर बालाजी सनातन मठ में आयोजित तीन दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान कथा वाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री ने संत समाज से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब शंकराचार्यों, संतों, महंतों और कथावाचकों को आपसी मतभेद भुलाकर सनातन धर्म की रक्षा और प्रचार-प्रसार के लिए एकजुट होना चाहिए।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

“गालियां भी आशीर्वाद हैं, पर अब संवाद जरूरी”

शुक्रवार को भक्तों को आशीर्वचन देते हुए बागेश्वर धाम सरकार ने कहा—
“आदरणीय शंकराचार्य जी हमारे प्रिय हैं। यदि वे दो दिन हमें गालियां भी दें, तो भी वह हमारे लिए आशीर्वाद है। लेकिन अब हमें सनातन धर्म की रक्षा के लिए साथ आना होगा।”

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

उन्होंने विशेष रूप से स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद महाराज सहित सभी चारों पीठों के शंकराचार्यों, शारदा मठ और दक्षिण श्रृंगेरी पीठ के संतों, देशभर के कथावाचकों और संन्यासियों से आह्वान किया कि वे अपने तप, तेज और विद्वत्ता को आपसी प्रतिस्पर्धा में न लगाकर सनातन की मजबूती में समर्पित करें।

“संघर्ष नहीं, संवाद का समय है”

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आपसी संघर्ष से केवल सनातन धर्म कमजोर होगा।
उन्होंने कहा—
“यदि हमें सनातन को बचाना है, तो एक-दूसरे से लड़ना बंद करना होगा। अब संवाद का समय है, मतभेद और टकराव का नहीं।”

“संतों का एकजुट होना भारत के लिए आवश्यक”

बागेश्वर महाराज ने आगे कहा कि यदि संत समाज एकजुट हो जाए, तो न केवल सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा, बल्कि भारत भी आंतरिक संघर्षों और विभाजन से बच सकेगा। उन्होंने यह संदेश गणेश उत्सव के अवसर पर भक्तों और संत समाज दोनों को समर्पित किया