एग्री स्टैक पोर्टल बना किसानों की मुसीबत – कांग्रेस, अधूरे रिकॉर्ड और तकनीकी खामियों से योजनाओं के लाभ से वंचित रायपुर, 06 सितम्बर 2025। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार की लापरवाही और तकनीकी खामियों के कारण एग्री स्टैक पोर्टल किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि अधूरे रिकॉर्ड और खराब सिस्टम की वजह से किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि— भुइंया एप में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियाँ, बटांकन, सीमांकन और नामांतरण के लंबित मामले बड़ी समस्या बने हुए हैं। कृषि, सहकारिता और राजस्व विभाग के बीच समन्वय की कमी के चलते लगभग आधे किसान पंजीयन से वंचित रह गए हैं। पोर्टल में केवल 2023 तक के रिकॉर्ड अपडेट हैं, उसके बाद खरीदी गई भूमि और नामांतरण की प्रविष्टियाँ दर्ज नहीं हैं। सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि किसान तहसील, कलेक्टर और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। भाजपा सरकार की “बदइंतजामी और दुर्भावना” के कारण किसान प्रताड़ित हो रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर कम धान खरीदना है। उन्होंने कहा— खाद-बीज की किल्लत और डीएपी-यूरिया की कालाबाजारी पहले से ही किसानों को परेशान कर रही है। अब एग्री स्टैक पोर्टल की बाध्यता के चलते किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि उपकरण सब्सिडी जैसी योजनाओं से भी वंचित हो रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि— पोर्टल की तकनीकी खामियों को तुरंत सुधारा जाए। जब तक शत-प्रतिशत किसान ऑनलाइन पंजीयन नहीं कर लेते, तब तक मैनुअल पंजीयन की पुरानी व्यवस्था भी चालू रखी जाए।

एग्री स्टैक पोर्टल बना किसानों की मुसीबत – कांग्रेस, अधूरे रिकॉर्ड और तकनीकी खामियों से योजनाओं के लाभ से वंचित

रायपुर, 06 सितम्बर 2025।छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार की लापरवाही और तकनीकी खामियों के कारण एग्री स्टैक पोर्टल किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि अधूरे रिकॉर्ड और खराब सिस्टम की वजह से किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।

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उन्होंने कहा कि—

  • भुइंया एप में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियाँ, बटांकन, सीमांकन और नामांतरण के लंबित मामले बड़ी समस्या बने हुए हैं।

  • कृषि, सहकारिता और राजस्व विभाग के बीच समन्वय की कमी के चलते लगभग आधे किसान पंजीयन से वंचित रह गए हैं।

  • पोर्टल में केवल 2023 तक के रिकॉर्ड अपडेट हैं, उसके बाद खरीदी गई भूमि और नामांतरण की प्रविष्टियाँ दर्ज नहीं हैं।

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सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि किसान तहसील, कलेक्टर और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। भाजपा सरकार की “बदइंतजामी और दुर्भावना” के कारण किसान प्रताड़ित हो रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर कम धान खरीदना है। उन्होंने कहा—

  • खाद-बीज की किल्लत और डीएपी-यूरिया की कालाबाजारी पहले से ही किसानों को परेशान कर रही है।

  • अब एग्री स्टैक पोर्टल की बाध्यता के चलते किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि उपकरण सब्सिडी जैसी योजनाओं से भी वंचित हो रहे हैं।

कांग्रेस ने मांग की है कि—

  1. पोर्टल की तकनीकी खामियों को तुरंत सुधारा जाए।

  2. जब तक शत-प्रतिशत किसान ऑनलाइन पंजीयन नहीं कर लेते, तब तक मैनुअल पंजीयन की पुरानी व्यवस्था भी चालू रखी जाए।