
रायपुर: CM विष्णु देव साय पर कांग्रेस का पलटवार, दीपक बैज का बड़ा हमला
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर निशाना साधा। दीपक बैज ने कहा– सरकार हर मोर्चे पर नाकाम, सीसीटीवी फुटेज जारी हो, शराबबंदी और बाढ़ राहत पर उठाए सवाल।
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, दीपक बैज ने साधा निशाना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हालिया बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने रविवार को प्रेस वार्ता कर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रही है और अब जिम्मेदारी से बचने के लिए कांग्रेस पर आरोप लगा रही है।
कर्मचारी प्रकरण पर सवाल
दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्या पीड़ित कर्मचारी का पक्ष भी जानने की कोशिश की? न्याय तभी होता है जब दोनों पक्षों को सुना जाए। उन्होंने कहा—
“कर्मचारी की हिम्मत है जो उसने मंत्री पर आरोप लगाए, बिना घटना घटे इतनी बड़ी हिम्मत कोई नहीं कर सकता।”
कांग्रेस ने मांग दोहराई कि घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया जाए।
बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के लिए कानून अलग और जनता के लिए अलग लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “अगर कार्रवाई नहीं कर सकते तो कम से कम मंत्री से माफी मंगवाई जाए। गलती करो, मारपीट करो, गाली दो और फिर कांग्रेस पर आरोप लगाओ – यह कैसा न्याय?”
शराबबंदी पर तीखे हमले
पीसीसी चीफ ने शराबबंदी के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा—
“कांग्रेस ने कभी गंगाजल पर शराबबंदी का वादा नहीं किया था। हमने धान खरीदी और कर्ज माफी पर गंगाजल की कसम खाई थी और उसे निभाया भी।”
कांग्रेस सरकार के दौरान 50 से अधिक दुकानें बंद की गई थीं, लेकिन भाजपा की सत्ता में आते ही 62 से ज्यादा दुकानें फिर खोल दी गईं।
कंपोजिट शराब बेचकर सरकार ने नशे का कारोबार दोगुना कर दिया।
नकली शराब और नकली होलोग्राम खुलेआम बिक रहे हैं। बिना संरक्षण यह संभव नहीं है।
“सरकार बताए किसके संरक्षण में यह कारोबार फल-फूल रहा है? छत्तीसगढ़ की जनता को नशे की चपेट में धकेला जा रहा है।”
बाढ़ राहत और विशेष पैकेज की मांग
बाढ़ प्रभावित इलाकों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। दीपक बैज ने कहा—
“अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री मदद कर रहे हैं, हमें इससे कोई आपत्ति नहीं, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार खुद विशेष राहत पैकेज क्यों नहीं ला रही?”
दंतेवाड़ा में तीन बड़ी माइंस से करोड़ों का राजस्व आ रहा है, फिर भी प्रभावित परिवारों के आंसू नहीं पोंछे जा रहे।
“जनता बेसहारा है, घर उजड़ गए हैं, किसान परेशान हैं और सरकार मौन है।”
किसान और रोजगार का मुद्दा
बैज ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों और कर्मचारियों की समस्याओं पर सिर्फ बैठकें कर रही है।
“दो साल से बैठकें चल रही हैं लेकिन समाधान कहीं नजर नहीं आता।”
किसान यूरिया के लिए परेशान हैं, कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं।
मोदी गारंटी के नाम पर किए गए वादों पर भी कोई अमल नहीं हुआ।
एनएचएम कर्मचारी बदहाल हैं, स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है।
“कभी एंबुलेंस ड्राइवर डिलीवरी कराता है, कभी टांके लगाता है – यह शर्मनाक हालात हैं।”
कैबिनेट बैठकों पर भी तंज कसते हुए कहा—“ये बैठकें सिर्फ चाय-बिस्कुट तक सीमित रह गई हैं।”
शिक्षा व्यवस्था पर हमला
कांग्रेस ने शिक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।
“छत्तीसगढ़ के बच्चों का भविष्य अंधकार में है। सरकार सिर्फ खानापूर्ति कर रही है।”
न किताबें हैं, न कॉपियां, हजारों पद खाली पड़े हैं।
दो साल हो गए लेकिन भर्ती नहीं हो रही।
“शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क – तीनों मोर्चे पर सरकार पूरी तरह फेल है। प्रदेश में जंगलराज चल रहा है।”
धर्मांतरण और ध्रुवीकरण का आरोप
बैज ने भाजपा सरकार पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
“धर्मांतरण की घटनाएं सरकार के रहते थम नहीं रही हैं।”
सरकार सिर्फ फोटो खिंचवाने और राजनीति करने में लगी है।
ध्रुवीकरण और साजिश के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
“जनता को भड़काने की फ्री प्लानिंग कर रही है भाजपा।”









