CG – शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई,प्रधान पाठक सहित दो शिक्षक सस्पेंड,जाने मामला..!!

कवर्धा। कवर्धा जिले में छात्रों के साथ मारपीट के गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक सहित दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। घटना केसली स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय की है, जहां प्रधान पाठक डेजी जॉय पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा 7वीं के छात्र भावेश साहू और हिमांशु निर्मलकर को कमरे में बंद कर उनकी पिटाई की। इस घटना के बाद छात्र के अभिभावक ने शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी के पास दर्ज कराई थी।

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आरोप है कि दो छात्र आपस में ल़ड़ाई कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर दोनों छात्रों को कमरे में बंदकर पीटा गया। जिसकी शिकायत अधिकारियों को की गयी थी। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कबीरधाम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो सदस्यीय जांच दल गठित किया। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि प्रधान पाठक ने छात्रों को बंद कमरे में पीटा और विद्यालय के अन्य शिक्षक श्री मनोज वर्मा भी 22 अगस्त 2025 से बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मनोज वर्मा कभी-कभी शराब सेवन कर विद्यालय आते हैं, जिससे विद्यालय का वातावरण और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

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डीईओ ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर गंभीर कार्रवाई की सिफारिश की। संभागीय संयुक्त संचालक हेमंत उपाध्याय द्वारा जारी आदेश में प्रधान पाठक श्रीमती डेजी जॉय और शिक्षक मनोज वर्मा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कबीरधाम रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

इसी मामले में विद्यालय के एक अन्य शिक्षक कुंदन लाल लोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि उनकी उपस्थिति अनियमित रहती है और वे अक्सर विद्यालय देर से आते हैं। डीईओ ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो उनके विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय अभिभावकों ने विभाग की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे विद्यालयों में अनुशासन और बेहतर शैक्षिक वातावरण स्थापित होगा