
“मातृभाषा की गोद ही आनंदधाम : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव”
मुख्यमंत्री बोले, मां और मातृभाषा से ऊपर कोई नहीं
भोपाल में आयोजित भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां और मातृभाषा से ऊपर कुछ नहीं। कार्यक्रम में 10 साहित्यकारों को राष्ट्रीय हिंदी भाषा सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री को विक्रमोत्सव 2025 के लिए वॉव एशिया का गोल्ड अवॉर्ड भी मिला।
भोपाल, 15 सितम्बर 2025 –रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में आयोजित भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “मां और मातृभाषा से ऊपर दूसरा कोई नहीं है। जैसे मां के चरणों में चारधाम हैं, वैसे ही मातृभाषा की गोद आनंदधाम है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी विश्व की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है, जो हमारी संस्कृति और संवेदनाओं को जोड़ती है। उन्होंने साहित्य और मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वैश्विक मंचों पर हिंदी में दिए गए संबोधनों का भी उल्लेख किया।
🔹 10 मूर्धन्य साहित्यकारों को सम्मान
कार्यक्रम में देश-विदेश के 10 साहित्यकारों को राष्ट्रीय हिंदी भाषा सम्मान से अलंकृत किया गया। इनमें जबलपुर के प्रशांत पोळ, भोपाल के लोकेन्द्र सिंह राजपूत, इंग्लैंड की डॉ. वंदना मुकेश, रूस की डॉ. इंदिरा गाजिएवा सहित अन्य शामिल रहे।
🔹 मुख्यमंत्री को गोल्ड अवार्ड
विक्रमोत्सव 2025 को विशेष मान्यता देते हुए WOW Asia टीम ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गोल्ड अवार्ड प्रदान किया।
🔹 नए प्रकाशनों का विमोचन
इस अवसर पर “भारतीय भाषा आलोक”, “समाज की भाषा का संकल्प”, “भोजपुरी प्रतिभाएं” और गीता श्रृंखला सहित कई महत्वपूर्ण साहित्यिक पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
🔹 विशेष घोषणाएं
कार्यक्रम में Be Indian, Buy Indian अभियान की शुरुआत हुई। साथ ही विश्व हिंदी ओलंपियाड और विश्वरंग के पोस्टर भी लॉन्च किए गए, जो 50 देशों में आयोजित होंगे।
इस मौके पर संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, आरएनटीयू के कुलगुरु डॉ. संतोष चौबे, अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में विद्वान, साहित्यकार और संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।











